फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करना बड़ी चुनौती, मरीजों को हो रही परेशानी

Fri, 01 Jul 2022 05:08 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। आए दिन खाली पदों को भरने के दावे किए जाते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है। हालत यह है कि कई प्रमुख विशेषज्ञ ही अस्पतालों में नहीं हैं। 
विज्ञापन
मंडलीय अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार करते मरीज और उनके परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। आए दिन खाली पदों को भरने के दावे किए जाते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है। हालत यह है कि कई प्रमुख विशेषज्ञ ही अस्पतालों में नहीं हैं, जिसकी वजह से मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है।  

विज्ञापन


सबसे अधिक संकट हृदय रोग विशेषज्ञों की है। दीनदयाल अस्पताल में जहां हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। मंडलीय अस्पताल में पद तो दो स्वीकृत हैं लेकिन एक ही हृदय रोग विशेषज्ञ सेवा कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। 300 से 400 मरीजों की हर दिन ओपीडी वाले जिला महिला अस्पताल में भी स्त्री रोग विशेषज्ञ के छह पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।

दीनदयाल अस्पताल में 43 स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल 22 चिकित्सक ही हैं। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन नहीं हैं। सर्जन के तीनों पद खाली हैं। शास्त्री अस्पताल रामनगर में 32 स्वीकृत पदों में केवल 19 चिकित्सक ही सेवा दे रहे हैं।  सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। चिकित्सकों की कमी को दूर करने की दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें