जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने दो सदस्यीय कमेटी (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व सीएमओ) गठित करके जांच भी कराई। जांच के दौरान एमसीएच विंग के संचालन में लापरवाही की बात सामने आई थी। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी। ठीक इसी तरह अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ मंजुला सिंह ने भी जांच की थी। चर्चा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सीएमएस डॉ आरके सिंह को हटाया गया है। हालांकि, शासन ने एक साथ प्रदेश के कई अस्पतालों के सीएमएस बदले हैं। इसमें जनहित के आधार पर तबादले की बात कही गई है।
आजमगढ़ मंडल के संयुक्त निदेशक रहे डॉ. ओपी तिवारी को वाराणसी मंडल का नया संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य बनाया गया है। साथ ही गाजीपुर में जिला पुरुष चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता रहे डॉ. रविंद्र नाथ सिंह को इसी पद पर दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल भेजा गया है। इसी तरह बरेली मानसिक अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता डाॅ. चंद्रप्रकाश मल्ल को वाराणसी मानसिक अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता के तौर पर तैनाती मिली है। मिर्जापुर में वरिष्ठ परामर्शदाता रहे डॉ. विकास प्रताप सिंह को मंडलीय अस्पताल में इसी पद पर तैनाती दी गई है। प्रयागराज में एसीएमओ डा. सत्येन राय को मंडलीय अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता पद पर तैनात किया गया है।