सामाजिक लोगों ने भी अस्पताल में घायलों का जाना हाल।
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मलबे में दबा पूरा परिवार, जवान दिखे तो जगी उम्मीद
घटना में दस लोगों में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। पांचों पांडवा निवासी रमेश गुप्ता, उनकी पत्नी कुसुमलता गुप्ता, बेटी रितिका गुप्ता, बेटा ऋषभ गुप्ता का इलाज मंडलीय अस्पताल में चल रहा है।
रमेश गुप्ता ने बताया कि जिस समय यह घटना हुई सभी लोग सो रहे थे। जैसे ही मलबा गिरा और नींद खुली तो चिल्लाकर पत्नी और बच्चों को जगाने लगे। देखते देखते सभी लोग मलबे में दब गए। मलबा इतना अधिक था कि दम घुटने लगा। एनडीआरएफ जवान दिखाई दिए तब जाकर जान बचने की उम्मीद जगी।