बीएचयू के पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग में बुद्ध जयंती कार्यक्रम में विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। बतौर मुख्य वक्ता सारनाथ में जंबूद्वीप श्रीलंका विहार के अधिष्ठाता के सिरी सुमेधा महाथेरो ने कहा कि बौद्ध अध्ययन परंपरा संरक्षण में बीएचयू का सराहनीय प्रयास है।
बीएचयू में हुए कार्यक्रम में महाथेरो ने कहा कि बीएचयू का पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग लंबे समय से बौद्ध विद्वत्ता, सांस्कृतिक परंपराओं और शैक्षिक गतिविधियों के संवर्धन में संलग्न रहा है। करुणा, मैत्री, अहिंसा, सम्यक स्मृति के सिद्धांत आज विश्व में शांति, सौहार्द और आंतरिक संतुलन स्थापित करने के लिए आवश्यक हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारत की गहन आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें नैतिक मूल्यों, सहिष्णुता एवं मानवीय दृष्टिकोण को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हैं। अतिथियों का स्वागत बीएचयू पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के प्रो. अरुण कुमार यादव ने किया। इस दौरान प्रो. प्रद्युम्न दुबे, प्रो. हरिशंकर शुक्ल, प्रो. कमलेश कुमार जैन, डॉ. राहुल चतुर्वेदी, डॉ. आनंद जैन मौजूद रहे।