बीएचयू के नेत्र विभाग में संक्रमित इंजेक्शन लगाए जाने के बाद जिन पांच मरीजों की आंख की रोशनी खतरे में पड़ गई है, उनका इलाज बीएचयू प्रशासन कराएगा। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के साथ के साथ मरीजों की चिकित्सा में बीएचयू हर संभव मदद करेगा। जरूरत पड़ी तो बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सक भी बुलाए जाएंगे। यह आश्वासन बीएचयू के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने सोमवार को मरीजों और उनके परिवार वालों को दिया है।
कुलपति दोपहर बाद अस्पताल के नेत्र विभाग का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने मरीजों के परिवार वालों से बातचीत कर उनकी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की उनके साथ पूरी सहानुभूति है। किसी भी कीमत पर इलाज में लापरवाही नहीं की जाएगी।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में कुलपति ने बताया कि इस मामले की पूरी रिपोर्ट आईएमएस के निदेशक व बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से मांगी गई है। बीएचयू के प्रवक्ता डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि आईएमएस के डीन डॉ. जेपी आेझा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर सप्ताह भर में रिपोर्ट मांगी गई है। उधर, कुलपति ने नेत्र विभाग की मशीनों के निरीक्षण में सभी को सही तरीके से काम करते पाया। कुलपति के निर्देश के बाद नेत्र विभाग के हेड प्रो. एमके सिंह, प्रो. वीपी सिंह और डॉ. प्रशांतभूषण मरीजों के चिकित्सकीय परामर्श व परीक्षण में लग गए हैं।