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अच्छी पहल: बीएचयू में अब 14 सीटों पर हिंदू अध्ययन में PhD, तीन साल से चल रहा था पीजी कोर्स

Thu, 07 Nov 2024 10:31 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू में अब हिंदू अध्ययन में पीएचडी कराया जाएगा। इसके लिए 14 सीटों पर एडमिशन होगा। हालांकि तीन साल से हिंदू अध्ययन में पीजी कोर्स चल रहा था। हिंदू अध्ययन में पीएचडी कराने की जिम्मेदारी भारत अध्ययन केंद्र को मिली।
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BHU - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीजी कोर्स के बाद बीएचयू अब हिंदू अध्ययन में पीएचडी कराएगा। अब तक हिंदू अध्ययन में एमए का कोर्स चल रहा था, जो तीन साल पहले भारत में पहली बार बीएचयू में ही शुरू किया गया था। अब भारत अध्ययन केंद्र हिंदू धर्म पर शोध भी कराएगा। पीएचडी के लिए आवेदन इसी साल से शुरू करने की तैयारी चल रही है।

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पीएचडी की कुल 14 सीटों पर एडमिशन लिया जाएगा। हिंदू स्टडीज विषय से नेट-जेआरएफ कर चुके अभ्यर्थी ही पीएचडी में आवेदन कर सकेंगे। पीएचडी के कोर्स वर्क का सिलेबस भी आ चुका है। 100 नंबर के इस सिलेबस को दो सेमेस्टर में बांटा गया है। इसे कुल 16 क्रेडिट दिए गए हैं। फिलहाल, इसी सत्र में बीएचयू की पीएचडी बुलेटिन में इसे भी शामिल करने कवायद चल रही है।

धर्म के साथ विज्ञान का भी होगा प्रभाव

कोर्स प्रस्तावक और भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी ने बताया कि इस पीएचडी कोर्स में केवल धर्म शास्त्र ही नहीं बल्कि विज्ञान का भी प्रभाव होगा। धर्म, पुरुषार्थ, संस्कार तो दूसरी ओर खगोल, भूगोल, आयुर्वेद, गणित के अनुसंधान पर काम होगा। वहीं, अब दुनिया भर के संस्थानों में इस कोर्स को पढ़ाने वाले योग्य शिक्षकों की जरूरत होगी। ऐसे में इससे पीएचडी करने वाले छात्र का पूरे हिंदू दर्शन के साथ साक्षात्कार हो जाएगा।
 
ये है सिलेबस
पहला सेमेस्टर....
  • भारतीय ज्ञान परंपरा, शास्त्रीय साहित्य, धर्म, पुरुषार्थ, संस्कार की अवधारणा, वैष्णव, शैव, शाक्त और भारतीय विधि शास्त्र।
  • भारतीय दर्शन का परिचय, अद्वैत दर्शन और उसके संप्रदाय, बौद्ध और जैन दर्शन, शील, समाधि, प्रज्ञा, पंच महाव्रत, लोक परंपरा और भारतीय दर्शन से इसका सामंजस्य।
  • कला का भारतीय दृष्टिकोण, भारतीय स्थापत्य, खगोल, भूगोल, आर्युवेद, गणित।
  • भारतीय योग विद्या का उत्सव और धारायें।
  • श्रीमद्भगवद्गीता-षष्ठ अध्याय-आत्मसयंम योग।
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मनोविज्ञान- भारतीय एवं पाश्चात्य आवधारणाएं

दूसरा सेमेस्टर...
शोध प्रविधियां, शोध सामग्री का संकलन, शोध संस्थायें, पांडुलिपि केंद्र, शोध पत्रिकाएं। इसके अलावा शोध की मेथडोलॉजी और शोध पत्र तैयार करने की जानकारियां दी जाएंगी।
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