कोर्स प्रस्तावक और भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी ने बताया कि इस पीएचडी कोर्स में केवल धर्म शास्त्र ही नहीं बल्कि विज्ञान का भी प्रभाव होगा। धर्म, पुरुषार्थ, संस्कार तो दूसरी ओर खगोल, भूगोल, आयुर्वेद, गणित के अनुसंधान पर काम होगा। वहीं, अब दुनिया भर के संस्थानों में इस कोर्स को पढ़ाने वाले योग्य शिक्षकों की जरूरत होगी। ऐसे में इससे पीएचडी करने वाले छात्र का पूरे हिंदू दर्शन के साथ साक्षात्कार हो जाएगा।
ये है सिलेबस
पहला सेमेस्टर....
- भारतीय ज्ञान परंपरा, शास्त्रीय साहित्य, धर्म, पुरुषार्थ, संस्कार की अवधारणा, वैष्णव, शैव, शाक्त और भारतीय विधि शास्त्र।
- भारतीय दर्शन का परिचय, अद्वैत दर्शन और उसके संप्रदाय, बौद्ध और जैन दर्शन, शील, समाधि, प्रज्ञा, पंच महाव्रत, लोक परंपरा और भारतीय दर्शन से इसका सामंजस्य।
- कला का भारतीय दृष्टिकोण, भारतीय स्थापत्य, खगोल, भूगोल, आर्युवेद, गणित।
- भारतीय योग विद्या का उत्सव और धारायें।
- श्रीमद्भगवद्गीता-षष्ठ अध्याय-आत्मसयंम योग।