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बीएचयू में बवाल: छात्र की तलाश में पीएसी के साथ हॉस्टल में घुसी पुलिस, 150 छात्र मौन धरने पर बैठे

Wed, 04 Feb 2026 11:33 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: एक सप्ताह पहले बिरला-रूईया बवाल में रोशन मिश्रा समेत सात नामजद थे। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इसी क्रम में मंगलवार शाम 5 बजे 50 से ज्यादा पीएसी जवानों के साथ पुलिस हॉस्टल में पहुंची। इससे नाराज छात्र मौन धरने पर बैठ गए। 
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बीएचयू में धरने पर बैठे छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू के बिरला हॉस्टल अ में शोध छात्र के हिरासत में लिए जाने से नाराज दूसरे छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार शाम 5 बजे 50 से ज्यादा पीएसी जवानों के साथ हॉस्टल में पहुंची लंका पुलिस ने एक शोध छात्र को हिरासत में लिया और थाने लाकर पूछताछ की। नाराज 150 छात्र सड़क पर उतर आए और बिरला-ब्रोचा चौराहा जाम धरने पर बैठ गए। छात्रों ने बताया कि उनके साथी रोशन मिश्रा को पुलिस उठा ले गई और कोई वजह भी नहीं बताया। 

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एक सप्ताह पहले बिरला-रूईया बवाल में रोशन मिश्रा समेत सात नामजद थे। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। मंगलवार की कार्रवाई के बाद कई छात्र लंका थाने भी पहुंचे और देर रात तक डटे रहे, वहीं प्रॉक्टोरियल बोर्ड के खिलाफ मौन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लंका थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि पिछले विवाद को लेकर कई लोगों को चिह्नित किया गया है, जिसके तहत एक शोध छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 

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29 जनवरी को हुआ था बवाल 

बीएचयू के बिरला और रूइया हॉस्टल के छात्रों के बीच 29 जनवरी को मारपीट और पथराव हुआ जिसमें तीन छात्र घायल हो गए थे। देर शाम तक तनाव की स्थिति बनी रही। पीएसी और कमिश्नरेट पुलिस की 10 थानों की फोर्स हॉस्टल में पहुंची और ड्रोन से सघन तलाशी ली गई।

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छात्रों ने नहीं की नारेबाजी
तख्तियां लेकर धरने पर उतरे छात्रों ने छात्रावास के रौशन मिश्रा की गिरफ्तारी को गलत बताया और विश्वविद्यालय प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम 50 से 60 की संख्या में बिरला अ छात्रावास पहुंची थी। बिना किसी स्पष्ट कारण और समुचित जांच के हिरासत में लिया गया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने किसी भी तरह की नारेबाजी नहीं की।
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