मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी विश्वविद्यालयों की रैकिंग में पिछले साल की तुलना में बीएचयू के ओवर आल रैकिंग में एक पायदान ऊपर आने को कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने बड़ी उपलब्धि बताई है। उन्होंने कहा कि इस बार जो थोड़ी बहुत कमियां रह गई है, उसे समय रहते दूर करेंगे।
विश्वविद्यालय में संसाधनों को बढ़ाने के साथ ही अन्य समस्याओं का समाधान कर अगले साल बड़ा मुकाम हासिल करेंगे। बुधवार को केंद्रीय कार्यालय समिति कक्ष में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों, कर्मचारियों समेत सभी को इसका श्रेय दिया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों की कैटेगरी में तो बीएचयू पिछले साल की तरह इस साल भी तीसरे स्थान पर ही रहा लेकिन इसमें अगले साल सुधार करके इसको ऊपर करना है।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर की ओर से जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैकिंग फ्रेमवर्क के बारे में कहा कि इससे बहुत कुछ सीखने और करने की प्रेरणा मिलती है।
रैंकिंग सुधारने के लिए शिक्षकों के साथ ही विभागाध्यक्ष, संकायाध्यक्षों, अधिकारियों और छात्र-छात्राओं का भी समय-समय पर सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओवर आल रैंकिंग में जो दस संस्थान हैं, उसमें देश के केवल तीन विश्वविद्यालय हैं, जिसमें बीएचयू दूसरा विश्वविद्यालय है।
इसके साथ ही कुलपति ने आईआईटी बीएचयू की जनरल रैकिंग पिछले बार 71 नंबर की तुलना में 28वां नंबर पाना और इंजीनियरिंग कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों की रैंकिंग में पिछले साल 31 की जगह इस बार नंबर 19 पर आने पर भी खुशी जताई।
मेडिकल कॉलेजों की रैकिंग में आईएमएस को सातवां स्थान मिला है। यहां पर टॉप टेन में जगह बनाए रखना बड़ी उपलब्धि है। कभी भी जब कोई उपलब्धि मिले तो किसी तरह का गुमान नहीं आना चाहिए, इससे आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा मिलती है।