युवती से सामूहिक दुराचार के आरोपी डॉ. आशुतोष अस्थाना को एयरपोर्ट चिकित्सा सेवा से निलंबित कर दिया है। एयरपोर्ट पर चिकित्सा सेवा मुहैया कराने वाले हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एचआईएमएस) की तरफ से यह कार्रवाई की गई है।
डॉ. आशुतोष पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं लेकिन ऊंची पहुंच के कारण कभी कार्रवाई नहीं हुई। नाम न छापने की शर्त पर एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों से पैसे लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने और एनओसी देने का आरोप डॉ. आशुतोष पर कई बार लगा।
बीते साल बीएचयू के पूर्व कुलपति डॉ. लालजी सिंह के भतीजे अरुण सिंह ने हवाई अड्डे पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध न कराने की शिकायत की थी। एयरपोर्ट टर्मिनल मैनेजर कार्यालय में रखे गए शिकायत रजिस्टर में हर महीने डॉ. आशुतोष के खिलाफ कुछेक शिकायतें दर्ज होती थीं लेकिन नजरअंदाज कर दी जाती थी।
डॉ. आशुतोष वर्ष 2009 से एयरपोर्ट पर चिकित्सा सुविधाओं के लिए तैनात था। हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एचआईएमएस) के वाइस चेयरमैन डॉ. सिद्धार्थ राय ने बताया कि डॉ. आशुतोष के संबंध में दर्ज मुकदमे की जानकारी मिलते ही उसे सेवा से निलंबित कर दिया गया है।
एयरपोर्ट निदेशक अनिल कुमार राय ने बताया कि डॉ. आशुतोष और सत्येंद्र का पास निरस्त कर दिया गया है। सीआईएसएफ को ताकीद की गई है कि दोनों को एयरपोर्ट में प्रवेश न करने दिया जाए। दोनों से संबंधित संस्थानों को उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
वहीं बुधवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पर कोई चिकित्सक तैनात न होने से यात्रियों की चिकित्सा सुविधा भगवान भरोसे ही रही। इस बारे में पूछे जाने पर एयरपोर्ट निदेशक गोलमोल जवाब देते नजर आए।
उधर पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान ट्रेवल एजेंट ने बताया सामूहिक दुराचार से पहले युवती को खूब बीयर और शराब पिलाई गई थी। नशे के ओवरडोज के कारण ही उसे उल्टी हुई और हालत बिगड़ी। इसके बाद उसे डॉ. आशुतोष एक कमरे में ले गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।
उसने बताया कि डॉ. आशुतोष और सत्येंद्र से उसकी पुरानी दोस्ती है और दोनों के माध्यम से उसके संबंध भी कई रसूखदारों से थे। इसके अलावा कैंट इंस्पेक्टर के अनुसार समूचे प्रकरण में होटल रेडिसन प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
किसने और क्यों कमरा बुक कराया था।
एक कमरे में युवती को ले जाकर बारी-बारी से चार लोग गए। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संचालित होटल में नशे में धुत युवती को बार से कमरे में नशे की हालत में ले जाने पर होटल प्रबंधन के लोग क्यों आगे नहीं आए। यह सब ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब होटल प्रबंधन को देना होगा। जवाब के आधार पर ही होटल प्रबंधन की मामले में भूमिका तय की जाएगी।