फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी एयरपोर्ट पर कार्यरत युवती से गैंगरेप के एक आरोपी समेत पांच हिरासत में

Thu, 05 Apr 2018 02:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
बाबतपुर एयरपोर्ट पर एक निजी विमानन कंपनी में कार्यरत युवती से गैंगरेप के मामले में बुधवार को पुलिस ने एक ट्रेवल एजेंट सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है। होटल रेडिसन के चौथे तल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से डॉ. आशुतोष अस्थाना, सत्येंद्र सिंह, ट्रेवल एजेंट समेत चार आरोपियों के वारदात में शामिल होने की पुष्टि हुई है। आधे घंटे की यह फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है।
विज्ञापन


उधर, डीजीपी ओपी सिंह घटना का संज्ञान लेते हुए आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच समेत पांच टीमें लगाई गई हैं। अब तक छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है।

कैंट थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार बाबतपुर एयरपोर्ट पर एक निजी विमानन कंपनी में कार्यरत युवती को 27 मार्च को एक बिजनेस डील के सिलसिले में शिवपुर के कादीपुर निवासी डॉ. आशुतोष अस्थाना ने होटल रेडिसन में बुलाया था।
विज्ञापन


डॉ. आशुतोष एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तैनात था। पीड़िता का आरोप है कि होटल के बार में उसे बीयर में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। उसे उल्टी होनी शुरू हुई तो डॉ. आशुतोष होटल के चौथे तल स्थित एक कमरे में ले गया, जहां वो अर्धचेतना में थी।

इस दौरान डॉ. आशुतोष, इंडो-थाई विमानन कंपनी के मैनेजर दौलतपुर निवासी सत्येंद्र सिंह सहित दो अन्य आरोपियों ने उसके साथ दुराचार किया। घटना के बारे में दो अप्रैल की रात मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस हरकत में आई।

बाबतपुर एयरपोर्ट से होटल तक कैंट और फूलपुर थाने की पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम ने घटना से जुड़े ब्यौरे जुटाए। होटल रेडिसन के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की छानबीन के बाद पुलिस ने बताया कि चतुर्थ तल स्थित एक कमरे में आधे घंटे के भीतर चार लोग बारी-बारी से जाते देखा गया है।

हिरासत में लिया गया पहड़िया निवासी ट्रेवल एजेंट भी उन्हीं में से एक है। यह ट्रेवल एजेंट डॉ. आशुतोष और सत्येंद्र का दोस्त है। ट्रेवल एजेंट होटल रेडिसन, पहड़िया और बाबतपुर में हवाई टिकटों की बुकिंग का काम करता है।

चौथे आरोपी की शिनाख्त होनी बाकी है। इस बारे में कैंट इंस्पेक्टर ने बताया कि डॉ. आशुतोष और सत्येंद्र घर छोड़कर भागे हुए हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।

एयरपोर्ट चिकित्सा सेवा से डॉ. आशुतोष सस्पेंड 

demo pic
युवती से सामूहिक दुराचार के आरोपी डॉ. आशुतोष अस्थाना को एयरपोर्ट चिकित्सा सेवा से निलंबित कर दिया है।  एयरपोर्ट पर चिकित्सा सेवा मुहैया कराने वाले हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एचआईएमएस) की तरफ से यह कार्रवाई की गई है।

डॉ. आशुतोष पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं लेकिन ऊंची पहुंच के कारण कभी कार्रवाई नहीं हुई। नाम न छापने की शर्त पर एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों से पैसे लेकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने और एनओसी देने का आरोप डॉ. आशुतोष पर कई बार लगा।

बीते साल बीएचयू के पूर्व कुलपति डॉ. लालजी सिंह के भतीजे अरुण सिंह ने हवाई अड्डे पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध न कराने की शिकायत की थी। एयरपोर्ट टर्मिनल मैनेजर कार्यालय में रखे गए शिकायत रजिस्टर में हर महीने डॉ. आशुतोष के खिलाफ कुछेक शिकायतें दर्ज होती थीं लेकिन नजरअंदाज कर दी जाती थी।

डॉ. आशुतोष वर्ष 2009 से एयरपोर्ट पर चिकित्सा सुविधाओं के लिए तैनात था। हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एचआईएमएस) के वाइस चेयरमैन डॉ. सिद्धार्थ राय ने बताया कि डॉ. आशुतोष के संबंध में दर्ज मुकदमे की जानकारी मिलते ही उसे सेवा से निलंबित कर दिया गया है। 
विज्ञापन

आरोपियों का पास किया गया निरस्त

demo pic
एयरपोर्ट निदेशक अनिल कुमार राय ने बताया कि डॉ. आशुतोष और सत्येंद्र का पास निरस्त कर दिया गया है। सीआईएसएफ को ताकीद की गई है कि दोनों को एयरपोर्ट में प्रवेश न करने दिया जाए। दोनों से संबंधित संस्थानों को उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।

वहीं बुधवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पर कोई चिकित्सक तैनात न होने से यात्रियों की चिकित्सा सुविधा भगवान भरोसे ही रही। इस बारे में पूछे जाने पर एयरपोर्ट निदेशक गोलमोल जवाब देते नजर आए।

उधर पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान ट्रेवल एजेंट ने बताया सामूहिक दुराचार से पहले युवती को खूब बीयर और शराब पिलाई गई थी। नशे के ओवरडोज के कारण ही उसे उल्टी हुई और हालत बिगड़ी। इसके बाद उसे डॉ. आशुतोष एक कमरे में ले गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।

उसने बताया कि डॉ. आशुतोष और सत्येंद्र से उसकी पुरानी दोस्ती है और दोनों के माध्यम से उसके संबंध भी कई रसूखदारों से थे। इसके अलावा कैंट इंस्पेक्टर के अनुसार समूचे प्रकरण में होटल रेडिसन प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। किसने और क्यों कमरा बुक कराया था। 
 
एक कमरे में युवती को ले जाकर बारी-बारी से चार लोग गए। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संचालित होटल में नशे में धुत युवती को बार से कमरे में नशे की हालत में ले जाने पर होटल प्रबंधन के लोग क्यों आगे नहीं आए। यह सब ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब होटल प्रबंधन को देना होगा। जवाब के आधार पर ही होटल प्रबंधन की मामले में भूमिका तय की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें