शताब्दी समारोह के अंत में शोध कार्य पर छपे एक किताब
कुलपति ने कहा कि शोध के लिए बाकी विभागों को शामिल किया जाए। इससे शोध के नए विषयों का पता चल सकेगा। कुलपति ने सुझाव दिया कि शताब्दी समारोह के अंत में विभाग में हो रहे शोध कार्य पर एक किताब का संपादन हो। इससे विभाग में अब तक के हुए शोध कार्यों में से सबसे उच्च कोटि के शोध कार्य बाहर आएंगे। इन्हें दुनिया भर के एकेडमिक जगत में स्थान मिलेगा।
विभाग के ब्रोशर और दो किताबों का किया लोकार्पण
उद्घाटन सत्र में कुलपति ने विभाग के अवकाश प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित किया। विभाग के ब्रोशर, एक किताब और पत्रिका का लोकार्पण किया गया। इसमें डॉ. माहेश्वरी प्रसाद द्वारा रचित ‘महाभारत में समाज-सुधार, अहिंसा और शांति विषयक चिंतन’ पुस्तक और प्रो. पीएन सिंह, संपादक डॉ. डी. राजा रेड्डी, प्रो. दानिश मोहन और डॉ. अमित कुमार उपाध्याय द्वारा संपादित ‘द जर्नल ऑफ द नूमिस्मेटिक सोसायटी ऑफ इंडिया’ पत्रिका शामिल था। विभागाध्यक्ष के कार्यालय और विभागीय उत्खनन प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कुलपति ने विभाग के पुस्तकालय और संग्रहालय का भी दौरा किया। साथ ही उद्यान क्षेत्र में कल्पवृक्ष और बोधिवृक्ष का पौधा रोपा।