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भूमि पूजन कर विवादों में घिरे बीएचयू कुलपति, सपा MLC ने लगाए गंभीर आरोप

Sun, 06 May 2018 04:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बीएचयू में एमसीएच विंग की रखी आधारशिला - फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में मातृ शिशु चिकित्सालय (एमसीएच विंग) की शनिवार को नींव डाली गई। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने भूमि पूजन किया। इस भूमि पूजन को लेकर बीएचयू कुलपति विवादों में घिर गए हैं। सपा एमएलसी और बीएचयू के छात्र नेता रहे शतरुद्र प्रकाश ने पूजन पद्धति का विरोध जताया है।
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रविवार को उन्होंने बयान जारी कर कुलपति राकेश भटनागर पर भारतीय धर्म परंपरा और संस्कृति के तिरस्कार का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया कि अगर कुलपति को भारतीय पूजा पद्धति का ज्ञान नहीं तो उन्हें ऐसा करना ही नहीं चाहिए। इस तरह की अज्ञानता से तो उन्होंने न केवल अपने पद बल्कि बीएचयू की गरिमा को गिराया है।

सपा नेता का  कहना है कि पूजा पद्धति के तहत भूमि पर पालथी लगा कर, सिर को ढंक कर बैठ कर ही विधि विधान से भूमि पूजन किया जाता है। खड़े हो कर आहुति देने की कोई विधा नहीं है भारतीय पूजन पद्धति में। शतरुद्र प्रकाश ने सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय पूजा पद्धति और बीएचयू की आदर्श परंपरा का ज्ञान तो कम से कम कुलपति को होना ही चाहिए।

 

कुलपति राकेश भटनागर को कम से कम विश्वविद्यालय के कुलगीत, 'मधुर मनोहर अतीव सुदर ये सर्व विद्या की राजधानी' का ही स्मरण कर लेना चाहिए था। सपा नेता ने कहा कि अगर कुलपति को पूजा पद्धति का ज्ञान नहीं तो पूजन करने की जरूरत ही क्या थी। फीता काट कर शिलान्यास कर देते।

 

इस तरह के कृत्य से जगहंसाई तो नहीं करानी चाहिए थी। इससे पद की गरिमा भी गिरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हो सभी भूमि पूजन को विशेष महत्व देते हैं। लेकिन बीएचयू के कुलपति ने सारी परंपराओं को ही तोड़ दिया है।

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बीएचयू के इतिहास में यह पहले कुलपति हैं जिन्होंने ऐसा आचरण किया है। इसके लिए इन्हें सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करना चाहिए।
अभी इस मामले में बीएचयू कुलपति का बयान सामने नहीं आया है। 

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मरीजों  के लिए सौगात है एमसीएच विंग

मनोचिकित्सा उत्कृष्ट केंद्र की आधारशिला रखते बीएचयू कुलपति - फोटो : अमर उजाला

कैंसर अस्पताल, सुपर स्पेशिएलिटी सेंटर के बाद बीएचयू में जल्द ही मातृ शिशु चिकित्सालय (एमसीएच विंग) की शुरुआत होगी। नेपाल समेत छह राज्यों से आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने के क्रम में शनिवार को एमसीएच विंग की नींव डाली गई।

इसके साथ ही ट्रामा सेंटर परिसर में बनने जा रहे मनो चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र का भी भूमि पूजन किया गया। प्रधानमंत्री की परियोजना के तहत बीएचयू में 100 बेड का एमसीएच विंग 45.50 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा।

छह मंजिले इस विंग में महिलाओं व बच्चों के इलाज की अत्याधुनिक सुविधाएं होेंगी। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने इसे 18 महीने में बनाने का लक्ष्य रखा है। इस विंग में इमरजेंसी, ओपीडी क्लीनिक, आपरेशन थिएटर, आईसीयू, एनआईसीयू वार्ड, लाइब्रेरी व लेक्चर हॉल के साथ ही अलग से आईवीएफ सेंटर भी होगा जहां बांझपन का इलाज होगा।

उधर, ट्रामा सेंटर परिसर में बनने जा रहा मानसिक रोगियों के लिए मनोचिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र भी जल्द ही बीएचयू का हिस्सा होगा। ये केंद्र 18 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है।

इनके शुरू हो जाने से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत नेपाल से आने वाले मरीजों के ये अस्पताल एक वरदान साबित होगा।
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