Varanasi Latest News: बीएचयू के नए कुलपति की जिम्मेदारी अब आईआईटी कानपुर के प्रो. अजीत चतुर्वेदी को मिली है। वे 1994 से लेकर 1996 तक आईआईटी बीएचयू तत्कालीन आईटी बीएचयू के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में लेक्चरर रहे।
बीएचयू में 30 वर्ष पहले शिक्षक रहे बलिया के मूल निवासी प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी बीएचयू के 29वें स्थायी कुलपति बन गए हैं। वह आईआईटी कानपुर में 30 साल तक प्रोफेसर रहे। बृहस्पतिवार को भारत सरकार की उप सचिव श्रेया भारद्वाज ने कुलसचिव को पत्र जारी कर बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से प्रो. चतुर्वेदी को कुलपति नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु होने तक बनी रहेगी।
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नव नियुक्त कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि फिलहाल वह कानपुर में हैं। जल्द ही बीएचयू आएंगे और लोगों से संवाद करेंगे। महामना व कैंपस से जुड़ी पुरानी यादों को संजोने का भी मौका मिलेगा। प्रो. चतुर्वेदी 1994 से लेकर 1996 तक आईआईटी बीएचयू तत्कालीन आईटी बीएचयू के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में लेक्चरर रहे।
प्रो. चतुर्वेदी पांच साल आईआईटी रुड़की और दो साल आईआईटी मंडी के संस्थापक निदेशक रहे। उन्होंने आईआईटी कानपुर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से 1986 में बीटेक, 1988 में एमटेक और 1995 में पीएचडी पूरा किया। 1999 से 2021 तक कुल 82 रिसर्च पेपर अंतरराष्ट्रीय जर्नल और काॅन्फ्रेंस में प्रकाशित हो चुके हैं।
कानपुर से रुड़की तक चला प्रोफेसर का सफर
पीएचडी करते समय 1994 से 1996 तक आईटी बीएचयू और इसके बाद आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर रहे। 1999 में आईआईटी कानपुर आ गए। यहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष, अनुसंधान एवं विकास डीन और उप निदेशक जैसे पदों को संभाला।