वाराणसी। बीएचयू के ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी वार्ड के बाहर जहां शुक्रवार को गलियारे में स्ट्रेचर पर 20 से 30 मरीज दिख रहे थे, वह जगह शनिवार को खाली दिखी। यहां बस दो-तीन मरीजों को रखा गया था, बाकी को आवश्यकतानुसार वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अमर उजाला में शनिवार को मरीजों की समस्या पर खबर प्रकाशित होने के बाद अब ट्रामा सेंटर प्रशासन बेड की कमी दूर करने के वैकल्पिक व्यवस्था में जुट गया है। इसमें पहले की अपेक्षा अब मरीजों को कोविड रिपोर्ट को जल्द से जल्द मंगाने की तैयारी चल रही है, इससे कि उन्हें स्ट्रेचर के बजाय वार्ड में बेड पर भर्ती कर इलाज किया जा सके।
कोरोना काल में ट्रामा सेंटर में आने वाले सभी मरीजों का पहले कोविड टेस्ट कराया जा रहा है। रिपोर्ट निगेटिव आने तक उन्हें होल्डिंग एरिया में रखा जा रहा है। यहां भी अधिकांश मरीजों को स्ट्रेचर पर रखना पड़ रहा है। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में कम से कम दो दिन का समय लग रहा है। तब तक मजबूरी में मरीजों को वार्ड में शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। अब समस्या सामने आने के बाद ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रो.संजीव गुप्ता ने बताया कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मरीजों की कोविड रिपोर्ट को जल्द से जल्द मंगवाए जाने के बारे में आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी से बातचीत की जा रही है। जितनी जल्दी रिपोर्ट मिल जाएगी मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने में कोई समस्या नहीं रहेगी।
उधर सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में भी दिन में गलियारे से लेकर होल्डिग एरिया के वार्ड के बाहर तक कोई भी स्ट्रेचर पर नहीं दिखा, जबकि शुक्रवार को पांच से सात मरीज इमरजेंसी वार्ड के बाहर गलियारे में पड़े रहे।