वाराणसी। पूर्वी भारत के गेटवे के रूप में विकसित हो रही काशी गंगा एक्सप्रेस वे से जुड़कर ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित होगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्ययोजना बना ली गई है। प्रयागराज वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग को रामनगर स्थित मल्टी मोडल टर्मिनल से जोड़ने की तैयारी है। इसी के साथ मेरठ से प्रयागराज के बीच बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे से काशी का सीधा जुड़ाव हो जाएगा। दिल्ली से वाराणसी के बीच सड़क मार्ग से मजबूत कनेक्टीविटी हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने वाराणसी से प्रयागराज के बीच 6 लेन की सौगात देने जा रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में चतुर्भुज योजना में बनी इस फोरलेन को नया स्वरूप दिया गया है। सिक्स लेन के इस नेशनल हाईवे को दर्जनों एलिवेटेड रोड से जोड़ा गया है। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे को देश के पहले जलमार्ग के लिए बने बंदरगाह से जोड़ने की तैयारी है। इसी के साथ इस हाईवे को मेरठ और प्रयागराज के बीच छह लेन के 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस वे जोड़ा जाएगा। ऐसे में वाराणसी से दिल्ली की सीधी कनेक्टीविटी हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की दिशा में होने वाले प्रयास की चर्चा कर चुके हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार गंगा एक्सप्रेस वे को वाराणसी हल्दिया जलमार्ग के लिए बने मल्टी मोडल टर्मिनल से जोड़ने की तैयारी में है।
हाईवे किनारे विकसित हो सकता है औद्योगिक कलस्टर
प्रदेश सरकार वाराणसी-प्रयागराज हाईवे किनारे औद्योगिक कलस्टर बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए जमीन चिह्नित की जाएगी। इसके अलावा इस हाईवे को जोड़ते हुए बन रहे रिंग रोड भी पूर्वांचल की कनेक्टीविटी मजबूत करेंगे।
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प्रयागराज वाराणसी हाईवे का काम पूरा हो गया है। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे को रामनगर से जोड़ने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस वे भी प्रयागराज तक बनेगा।
- कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी