वाराणसी। भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में कृषि क्षेत्र महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। युवा वैज्ञानिक कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान खोजने पर काम करें। उक्त विचार रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी के कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह ने व्यक्त किए। वह शुक्रवार को बदलते वैश्विक परिदृश्य में सतत कृषि विकास पर बीएचयू के विज्ञान संस्थान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन के पहले दिन प्रथम सत्र में शोधार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस अवसर पर युवा और प्रख्यात वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा डॉ. रजनीश सिंह, डॉ. बृजेंद्र सिंह की पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
इस दौरान डॉ. आरके सिंह ने कहा कि किसानों के सामने कम संसाधनों में अधिक उत्पादन की चुनौती है। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक परिवर्तनों का सामाजिक-आर्थिक विकास पर भी सीधा-सीधा प्रभाव पड़ेगा। इस अवसर पर एके सिंह, प्रो. जीएस सिंह, डॉ. राजीव प्रताप सिंह ने विचार व्यक्त किए।