बीएचयू संघ भवन मामले में 14 दिसंबर को भी जवाब नहीं मिला तो न्यायालय कुलपति के खिलाफ एकतरफा (एक्सपार्टी) कार्यवाही का आदेश दे सकता है। आरएसएस भवन को फिर से संचालित करने और वहां किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न होने देने के संबंध में वादी प्रमील पांडेय की ओर से दाखिल वाद पर बृहस्पतिवार को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) शमाली मित्तल के कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख दी गई है।
प्रमील पांडेय ने बताया कि कुलपति मुकदमे में प्रस्तुत नहीं हुए हैं। न तो एफिडेविट दिया और न ही वादी या उनके अधिवक्ता को बीएचयू से कोई जवाब ही मिला। इस पर न्यायालय ने प्रतिवादी को अंतिम अवसर दिया। फिर भी बीएचयू ने न्यायालय में एफिडेविट नहीं दिया। बीते ढाई साल से ये केस कोर्ट में चल रहा है।