नदेसर निवासी नंदलाल अपने बेटे को लेकर दो दिन पहले चार-पहिया गाड़ी से पहुंचे। उन्होंने बताया कि गाड़ी को दूसरे प्रवेश द्वार के पास रोका और बच्चों का सामान उतारने लगे। तभी स्टैंड के कर्मचारी आए और 30 रुपये मांगने लगे। उनका कहना है कि दूसरे प्रवेश द्वार पर पार्किंग का कोई निर्धारित नियम नहीं है, इस वजह से आए दिन विवाद होता रहता है।
केस-2
भिटारी इलाके के रवि अपने बड़े भाई को 1 दिसंबर को कैंट स्टेशन छोड़ने गए। उन्होंने अपनी बाइक खड़ी की तो मैन्युअल रसीद मिली, जिसमें 4 घंटे के लिए 25 रुपये लिखा था और गाड़ी का नंबर पेन से लिखा गया था। जबकि पहले कंप्यूटर-प्रिंटेड रसीद पर गाड़ी नंबर और समय प्रिंट होता था। इसी स्टेशन पर आरक्षण काउंटर के पास स्थित स्टैंड पर 24 घंटे के लिए केवल 15 रुपये लिए जा रहे हैं। रवि ने कहा कि एक ही स्टेशन पर अलग-अलग रेट नहीं होने चाहिए।
कैंट स्टेशन- प्लेटफॉर्म नंबर 9 और मेन गेट का किराया
- 0-6 घंटे - 10 रुपये
- 0-12 घंटे - 15 रुपये
- 0-24 घंटे - 25 रुपये
- 2 घंटे के बाद 12 घंटे तक - 15 रुपये
- 1 महीने का किराया - 100 रुपये
- हेलमेट 24 घंटे तक - 0 रुपये
कैंट स्टेशन - आरक्षण काउंटर के बगल में
- 0-1 घंटे - 10 रुपये
- 12-24 घंटे - 15 रुपये
- 24 घंटे के बाद प्रतिदिन - 15 रुपये
- 1 महीने का किराया - 200 रुपये
- हेलमेट 24 घंटे तक - 4 रुपये
क्या बोले अधिकारी
कैंट रेलवे स्टेशन परिसर में दूसरे प्रवेश द्वार पर यात्री अगर अपने वाहन से किसी को छोड़ने या वापस ले जाने आते हैं तो उनसे किसी तरह से कोई किराया नहीं लिया जा सकता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यहां दो स्टैंड पर अलग-अलग किराया लिया जा रहा है तो इस पर भी जिम्मेदार लोगों से बातचीत की जाएगी। -बीके यादव, एडीआरएम, उत्तर रेलवे