बीएचयू अस्पताल का सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक
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हाथ की कलाई में झनझनाहट आने, हाथ जोड़ने पर दर्द होना, पूरी क्षमता से हाथ से काम न कर पाना। इस तरह की समस्या महिलाओं में बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि 50 साल के बाद होने वाली यह बीमारी अब 35 से 45 साल में होने लगी है। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक अब इसके सही कारणों का पता लगाने के लिए शोध करने में जुट गए हैं। अस्पताल में आने वाली 150 मरीजों का ब्लड सैंपल की रिपोर्ट के साथ ही उनकी दिनचर्या को इसमें शामिल करते हुए कम उम्र में इस बीमारी की सही जानकारी पता लगाया जाएगा।
बीएचयू अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में चलने वाली ओपीडी में आने वाले 150 से 200 मरीजों में 10 से 15 महिलाएं हर दिन इस तरह की शिकायत लेकर पहुंच रही है। विभागाध्यक्ष प्रो. विजय नाथ मिश्र के मुताबिक साल भर पहले तक औसतन आठ से दस महिलाओं में यह समस्या देखने को मिलती थी लेकिन इधर इसमें बढ़ोत्तरी होने लगी है। इससे बचाव के लिए समय-समय पर थायरायड की जांच कराते रहने के साथ ही खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, जिससे कि मोटापा न हो। लगातार लंबे समय तक काम करने से बचना चाहिए। यह बीमारी गर्भवती महिलाओं में होने का खतरा भी अधिक रहता है।
बीमारी की इलाज
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थायरायड, मोटापा, जोड़ों में दर्द है प्रमुख लक्षण
प्रो. विजयनाथ मिश्र का कहना है कि थायरायड, मोटापा, जोड़ों में दर्द के साथ ही हाथ में सुन्न जैसा महसूस होना, हाथ जोड़ने में दर्द होना आदि इस समस्या के लक्षण है। आम तौर पर 50 साल के बाद की महिलाओं में होने वाली यह बीमारी कम उम्र में होने लगी है। ऐसे में इस पर शोध के माध्यम से कारणों का पता लगाना जरूरी है। अस्पताल में इस तरह के लक्षण वाली वाराणसी के साथ ही अलग-अलग जगहों से आने वाली 35 से 45 साल की महिलाओं का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है। उनकी खून जांच रिपोर्ट पर अध्ययन के साथ ही दिनचर्या की जानकारी कर उसको भी शोध में शामिल किया जाएगा।
बीमारी
इन लोगों में सिंड्रोम का खतरा अधिक
थायरायड से ग्रसित महिलाओं में 80 प्रतिशत
मोटापा से परेशान महिलाओं में 75 प्रतिशत
लंबे समय तक घर का कामकरना 70 प्रतिशत
क्या है कार्पल टनल सिंड्रोम
कार्पल टनल सिंड्रोम जिसे डॉक्टर सीटीएस भी बोलते हैं। हाथ की कलाई पर नौ प्रमुख नसों के साथ ही एक छोटी सुरंग सी जगह होती है। जिसे कार्पल टनल कहते हैं। यह छोटी-छोटी हड्डियों से मिलकर तती है। इसी में से एक महत्वपूर्ण नस होती है, जिसे मीडियन नर्व कहते हैं। यह नस अंगूठे के पास की उंगलियों और अनामिका उंगली के पास तक करंट जैसा पहुंचाने का काम करती है। जब यह नस किसी कारणवश मीडियन नर्व कार्पल टनल में दबने लगती है तो कलाई के पास झुनझुनी, पूरी बांह में दर्द होने की समस्या बढ़ने लगती है। इसे कार्पल टनल सिंड्रोम कहते हें।