विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ तकनीकी रूप से उद्यमशील बनाने के लिए बीएचयू में कौशल विकास केंद्र स्थापित किया गया जहां व्यक्तित्व विकास के साथ स्टार्ट अप को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं युवाओं को जीवन प्रबंधन का भी गुर सिखाया जा रहा है। योग और गीता के माध्यम से उन्हें अध्यात्म से जोड़ा रहा है। इस केंद्र से अब तक 800 से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं। इसमें आईआईटी बीएचयू के भी स्टूडेंट्स शामिल हैं।
बीएचयू के शताब्दी वर्ष पर अप्रैल 2016 में कौशल विकास केंद्र की शुरुआत की गई। इस उद्देश्य के साथ ही यहां के छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के साथ उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाए। उनके अंदर तकनीकी रूप से उद्यमशील बनाया जा सके। छात्र-छात्राओं की रुचि इनोवेशन में बढ़े इसका भी पूरा प्रयास किया जा रहा है।
बेसिक कंप्यूटर व प्रोग्रामिंग के अलावा उन्हें वेबसाइट डेवलपमेंट, एप्लीकेशन डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है। केंद्र के समन्वयक व आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र गौरव गर्ग ने बताया कि हमारा तीन चीजों पर फोकस है। पहला पर्सनालिटी डेवलपमेंट, दूसरा टेक्नालॉजी एंड इंटरप्रेन्योरशिप और तीसरा लाइफ मैनेजमेंट। इन तीनों को 11 मॉड्यूल्स में बांटा गया है।