बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता का खुलासा होने के बाद अब इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। उधर, एमफिल सबाल्टर्न स्टडीज की प्रवेश परीक्षा में धांधली का आरोप लगाने के बाद अब हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर कर दी गई है।
बीएचयू में नियुक्तियों में अनियमितताओं के मामले में आरटीआई के जवाब के बाद जिस तरह की गड़बड़ियां सामन आई हैं, उसको लेकर प्रधानमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री आदि से शिकायत कर जांच की मांग की गई है।
बीएचयू से शोध कर रहे एक छात्र के साथ ही अधिवक्ता विकास सिंह ने पूरे प्रमाण के साथ प्रधानमंत्री, मानव संसाधन मंत्रालय, कुलपति से इसकी शिकायत की है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही मामले की जांच शुरू हो सकती है, जिसमें तत्कालीन अधिकारियों के साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े लोगों से भी पूछताछ होगी।
उधर, बीएचयू में 23 दिसंबर 2017 को हुई एमफिल सबाल्टर्न स्टडीज की प्रवेश परीक्षा में धांधली का आरोप लगाने के बाद अब हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर कर दी गई है। याचिकाकर्ता श्वेतांक पांडेय ने 16 अप्रैल को होने वाली काउंसलिंग को रोकने और मामले की जांच कराने की गुहार लगाई है।
याचिका में कहा है कि सामाजिक बहिष्करण एवं समावेशी नीति अध्ययन केंद्र के दो छात्रों के परीक्षा में शामिल होने और पेपर लीक होने की संभावना की शिकायत परीक्षा नियंत्रक समेत अन्य अधिकारियों से की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
उधर, इस बारे में पूछे जाने पर परीक्षा नियंत्रक मनोज पांडेय ने बताया कि छात्रों ने जो भी शिकायत की थी, उसकी जांच कराई गई। कोर्ट में याचिका दायर करने की कोई जानकारी नहीं है। बताया कि मामले में अगर कोर्ट का कोई फैसला आएगा तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।