2024 तक 395 को मिली धनराशि
प्रो. भट्टाचार्य ने बताया कि 2022 से 2024 तक 395 पीएचडी छात्रों को ये धनराशि दी चुकी है। वहीं, उसके बाद 2025 से लेकर अब तक 136 शोधकर्ताओं को ये सहायता मिली है। बीएचयू ने मार्च 2022 में इंसेंटिव टू रिसर्च स्कॉलर्स स्कीम की शुरुआत की थी। इसके तहत रिसर्च करने वाले छात्रों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहन धनराशि देना था। बीएचयू की ओर से ये धनराशि नॉन नेट फेलोशिप के तहत दी जा रही है। जो छात्र पहले से जेआरएफ के तहत फेलोशिप लेकर बीएचयू में रिसर्च कर रहे हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिला है।