बीएचयू में पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में हुईं असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर तक की नियुक्तियों में गड़बड़ी का मामला तूल पकड़ने लगा है।
मंगलवार को विभिन्न विभागों में हुईं नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया। फिर केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। राष्ट्रपति, एमएचआरडी, यूजीसी को शिकायती पत्र भेजकर स्वतंत्र एजेंसी से मामले की जांच कराने की मांग उठाई।
विश्वविद्यालय में शिक्षकों के 200 पदों पर नियुक्तियों में अनियमितता का मामला आरटीआई और जांच रिपोर्टों के जरिए सामने आया था। मंगलवार को हस्ताक्षर अभियान और विरोध प्रदर्शन के बाद शोध छात्र कुलदीप मीणा, रणधीर सिंह के नेतृत्व में शिकायती पत्र राष्ट्रपति, मानव संसाधन विकास मंत्री और यूजीसी को भेजा गया।
छात्रों ने मांग की कि स्वतंत्रता एजेंसी से इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए। रोस्टर का मामला उठाते हुए यूजीसी के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप भी पूर्व कुलपति पर लगाया।
छात्रों ने शोध प्रवेश परीक्षा को पारदर्शी बनाने, मेस व्यवस्था को नियमित और सब्सिडी युक्त बनाने, छात्रावास आवंटन के साथ ही परिसर में यौन उत्पीड़न के मुद्दे को भी उठाया।
शोध प्रवेश परीक्षा की वरीयता सूची, अंक के साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट, नोटिस बोर्ड पर लगाने और वीडियोग्राफी कराने की मांग की। भारतेंदु छात्रावास का जल्द आवंटन कराने और यौन उत्पीड़न मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने का आग्रह किया।