उन्होंने कहा कि राजभाषा का अपमान हम लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके पहले भी मृत्युंजय तिवारी आजाद के नेतृत्व में सेंट्रल ऑफिस में उक्त प्रकरण में ज्ञापन सौंपा गया था। छात्रों ने कहा कि अनुच्छेद 351 हमें अधिकार देता है कि हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार करें और अधिकतम प्रयोग करें। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा संविधान की अवहेलना की जा रही है। पदयात्रा में शशांक सिंह, अभिषेक सिंह, वैभव, उत्कर्ष, दुष्यंत, विवेक, पुनीत, रोशन, मनीष आदि शामिल रहे।