प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने विभाग के अंदर धरने पर बैठे छात्रों को बलपूर्वक उठा लिया। सड़क पर बैठे छात्रों को अंदर जाने की अनुमति दे दी। इसके बाद धरना समाप्त हो गया। इसके बाद एक गुट के छात्रों के समर्थन में छात्र प्रॉक्टोरियल बोर्ड पहुंचे और छात्रनेताओं को छोड़ने की मांग करने लगे।