फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएचयू के छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर का पुतला फूंका, परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा 

Sun, 02 Dec 2018 02:40 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
पुतला जलाते छात्र - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बीएचयू में नर्सिंग की छात्रा की चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह द्वारा पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक ओर छात्र केंद्रीय कार्यालय पर दो दिन से धरना दे रहे हैं। वहीं रविवार को इसके विरोध में बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर गेट के सामने छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर का पुतला फूंककर विरोध जताया। नर्सिंग के छात्र छात्राओं की लामबंदी बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन


इसके अलावा एम्स नई दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) सहित देश के विभिन्न नर्सिंग कालेजों के छात्रों ने बीएचयू नर्सिंग छात्रा की पिटाई की निंदा करते हुए आंदोलन का समर्थन किया है। इधर, छात्रों का आंदोलन बढ़ता देख वीसी लॉज, मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है।

दरअसल बीएचयू में नर्सिंग की छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट, विश्वविद्यालय परिसर से चंदन की चोरी, छात्रों के साथ दुव्र्यवहार सहित कई मुद्दे पर छात्र संगठन लामबंद हुए हैं। चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर से शुरू छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।
विज्ञापन


अब तीसरे दिन रविवार को भी सुबह से परिसर में आक्रोश बना हुआ है। छात्रों के अनुसार पीडि़त छात्रा की तहरीर पर अभी तक लंका थाने में मुकदमा ही दर्ज नहीं किया गया है। चीफ प्रॉक्टर पर मुकदमा दर्ज कर तत्काल प्रभाव से उन्हें बर्खास्त किए जाने तक उनका धरना जारी रहेगा। 
विज्ञापन

मान्यता को लेकर हंगामा

धरने पर बैठे छात्र - फोटो : amar ujala
बता दें कि बीएचयू में बीएससी नर्सिंग की मान्यता न होने के विरोध में गुरुवार को छात्र-छात्राओं ने नर्सिंग कॉलेज के सामने रास्ता जाम कर धरना दिया। इधर सूचना पाकर सुरक्षाकर्मियों संग पहुंची चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने उन्हें रास्ते से हटने को कहा।

आरोप है कि इस दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने छात्र-छात्राओं की पिटाई भी की। चीफ प्रॉक्टर ने एक छात्रा को थप्पड़ जड़ दिया। चीफ प्रॉक्टर के थप्पड़ मारने से कान का पर्दा फट गया है। छात्रा को इसकी जानकारी उस समय हुई जब वह शनिवार को नाक, कान, गला रोग विभाग में जांच कराने पहुंची। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें