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बीएचयू छात्र की गंगा में डूबने से मौत, एनडीआरएफ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर किया प्रदर्शन

Wed, 03 Oct 2018 10:02 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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बीएचयू गेट बंद कर छात्रों ने शुरू किया धरना-प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के वाणिज्य संकाय के बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र राहुल कुमार (20) की मंगलवार को जानकी घाट पर नहाते समय गंगा में डूबने से मौत हो गई। राहुल मूलरूप से पटना का रहने वाला था। उसके साथियों का कहना था कि उन्होंने बचाने के लिए एनडीआरएफ जवानों से मदद मांगी मगर वे समय पर नहीं पहुंचे। आगे की स्लाइड्स में देखें...
 
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एंबूलेंस में बीएचयू के छात्र का शव - फोटो : amar ujala
नाराज छात्रों ने बीएचयू के सिंह द्वार पर एंबुलेंस में शव रखकर प्रदर्शन कर एनडीआरएफ के जवानों पर कार्रवाई की मांग की। साढ़े चार घंटे प्रदर्शन के बाद करीब साढ़े छह बजे कुलपति ने छात्रों को बुलाकर बातचीत की ओर जिला प्रशासन के माध्यम से उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर प्रदर्शन खत्म हुआ।

 
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varanasi - फोटो : amar ujala
बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र राहुल अपने भाई अजीत और दो दोस्त अमित तथा सनोज के साथ मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जानकी घाट पर नहाने गया था। चारों एक साथ नदी में उतरे। इनमें से किसी को तैरना नहीं आता था और सभी डूबने लगे। 

 

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varanasi - फोटो : amar ujala
उधर, सिंह द्वार पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि डूबने की जानकारी एनडीआरएफ को दी गई तो टीम ने वहां आने की बजाए पहले रविदास घाट जाने की बात कही। इस पर साथियों ने वहां मौजूद मल्लाहों से मदद मांगी तो उन्होंने नदी में कूद कर तीन को बचा लिया, मगर राहुल को जब निकाला तो वह अचेत था। उसे बीएचयू अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 

 
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varanasi - फोटो : amar ujala
राहुल की मौत की जानकारी मिलते ही वाणिज्य संकाय के छात्र-छात्रा बीएचयू गेट पर आ गए और दोपहर करीब दो बजे बीएचयू मेन गेट पर एंबुलेंस में उसका शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। 

 
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varanasi - फोटो : amar ujala
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसीएम प्रथम और सीओ भेलूपुर ने समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र एनडीआरएफ जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। शाम करीब 6:30 बजे सिंह द्वार पहुंची चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों को कुलपति से बातचीत के लिए बुलाया और बातचीत के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया। 

 
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यूपी पुलिस
डीएम सुरेंद्र सिंह का कहना है कि चीफ प्रॉक्टर से बातचीत के बाद इस मामले में एनडीआरएफ के डीआईजी से बात की है। उन्होंने बताया है कि जिन पर छात्र आरोप लगा रहे हैं, वह एनडीआरएफ के डीप डाइवर नहीं थे। सबका काम अलग-अलग होता है। 
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