बीएचयू के सिंह द्वार के बाहर प्रदर्शन करते सपाजन।
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आईआईटी बीएचयू की छात्रा से गैंगरेप करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी और सजा दिलाने के लिए किए गए आंदोलन में भाग लेने वाले छात्रों पर की गई कार्रवाई न केवल अनुचित है, बल्कि यह हमारे संविधान के मौलिक अधिकारों का भी हनन करती है।
उक्त बातें सपा नेताओं ने गुरुवार की देर शाम बीएचयू के सिंह द्वार पर प्रदर्शन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि छात्रों को निलंबित करना, जब वे न्याय की मांग कर रहे थे, संविधान द्वारा दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध करने के अधिकार का उल्लंघन है।
ऐसे आंदोलनों में हिस्सा लेने वाले छात्रों को सज़ा देना गलत संदेश देता है और भविष्य में पीड़ितों के लिए खड़ा होने वाले लोगों को हतोत्साहित कर सकता है। यह तानाशाही प्रवृत्तियों का संकेत है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है।
कुलपति और प्रशासन को छात्रों की बहाली पर ध्यान देना चाहिए और न्याय की मांग करने वालों का समर्थन करना चाहिए, न कि उन्हें दंडित करना। कैंडल मार्च के माध्यम से कुलपति के बुद्धि और सद्बुद्धि की प्रार्थना किया गया। कैंट विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी पूजा यादव के नेतृत्व में अमन यादव, विवेक यादव, राहुल यादव, राधेश्याम यादव आदि रहे।