यहीं नहीं आईएमएस निदेशक के आवास मरम्मत पर 43 लाख रुपये खर्च होना में भी वित्तीय अनियमितता की आशंका जताते हुए सभी मामले में जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। जल्द ही अगर बंद हुई जांच नहीं शुरू हुई और आवास मरम्मत मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। मृत्युंजय ने बताया कि प्रभारी वीसी ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महानगर महासचिव अमन यादव के नेतृत्व में लंका सिंह द्वार से लेकर रविदास गेट आदि जगहों पर दुकानदारों, चाय बेचने वाले, ठेला चलाने वालों आदि से भी भिक्षाटन किया गया। अमन ने बताया कि एक तरफ पैसे के अभाव में कोरोना जांच ठप कर दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर आईएमएस निदेशक के आवास में मरम्मत के लिए सिविल कार्य में 43 लाख खर्च हो गया। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ऐसा होना निंदनीय है। बताया कि कुल 1160 रुपये मिलने के बाद उसे दान पेटिका में डाल दिया गया, जिससे कि दुबारा कोरोना जांच शुरू हो सके। इस दौरान अनिल यादव, कुंवर विक्रम सिंह चौहान, राधेश्याम यादव आदि मौजूद रहे।