आरटीआई के जवाब में खुलासा हुआ है कि बीएचयू ने एक साल में कोर्ट केस पर एक करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए हैं। जवाब में ये भी बताया गया है कि बीएचयू के पैनल में 25 अधिवक्ता हैं, लेकिन बाहरी वकीलों की भी जरूरत पड़ी है।
बीएचयू ने एक साल में लीगल सेल पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च दिए। यानी कि कोर्ट केस में बीएचयू प्रशासन को डिफेंड करने के लिए ये धन खर्च किया है। इसका खुलासा हाल ही में आए एक आरटीआई के जवाब में हुआ है। इसमें बताया गया है कि बीएचयू के पैनल में 25 अधिवक्ता हैं, लेकिन बाहरी वकीलों की भी जरूरत पड़ी है।
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इस आरटीआई जवाब में बीएचयू ने माना है कि एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के अनुसार समय-समय पर बाहर से भी बड़े वकीलों को हायर किया गया। ये आरटीआई बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के वैद्य सुशील कुमार दुबे द्वारा किया गया था।
इन्होंने 10 सवाल पूछे थे। इसमें 2022 से 2025 के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों पर किए गए खर्च का ब्योरा मांगा गया था, लेकिन बीएचयू की ओर से सिर्फ वित्तीय वर्ष 2024-25 का ही आंकड़ा भेजा गया।
दूसरे सवाल के जवाब में बताया गया कि 25 स्टैंडिंग काउंसिल अधिवक्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट के लिए हैं बीएचयू में इनपैनल्ड हैं। इसके अलावा प्रोग्रेस रिपोर्ट और लीगल सेल के कुल बजट जैसी जानकारियां मांगी गईं, लेकिन इसका जवाब अभी तक नहीं मिला है।