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बीएचयू से नहीं मिली 203 पदों के बारे में कोई जानकारी

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बीएचयू में शिक्षकों के खाली और भरे जाने वाले पदों की संख्या को लेकर एक आरटीआई के जवाब में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जो जानकारी दी गई है, उसमें ओबीसी के लिए 568 स्वीकृत पदों की जानकारी दी गई है, जबकि इसमें 224 को भरे जाने और 141 के खाली होने का जिक्र है, जबकि बचे 203 के बारे बीएचयू की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दर्ज है।
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नागपुर में सामाजिक कार्यकर्ता संजय थुल ने चार सितंबर को बीएचयू में एक आरटीआई के माध्यम से आरक्षित वर्ग के शिक्षकों के पदों के बारे में जानकारी मांगी थी। बीएचयू के एससी, एसटी सेल के सेक्शन आफिसर की ओर से 18 सितंबर को जवाब भेजा गया है। जवाब में इसमें ओबीसी के 568 पद का जिक्र किया गया है जिसमें प्रोफेसर के 61, एसोसिएट प्रोफेसर के 135 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 372 पदों के स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है। प्रोफेसर के कुल 61 पदों में 25 को खाली बताया गया है, जबकि 36 पदों के बारे में कोई जिक्र नहीं है। एसोसिएट प्रोफेसर के स्वीकृत 135 पदों में केवल 42 को खाली बताया गया है, जबकि भरे जाने वाले कॉलम में शून्य लिखा है। उधर असिस्टेंट प्रोफेसर के भी 321 पदों में से 224 को भरे जाने की बात लिखी है और खाली केवल 74 बताए गए हैं। जबकि स्वीकृत-भरे और खाली को मिलाकर 74 पद कहां गए, इसका आरटीआई में कोई जवाब नहीं है।
अगर तीनों कैडर में कुल पदों को जोड़ा जाए तो 568 स्वीकृत पद में विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए जवाब में भरे गए पद और खाली पदों को जोड़ने पर केवल 365 आते हैं, ऐसे में बाकी 203 पद के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। अब इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।
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