बीएचयू के जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल रविवार की देर रात समाप्त कर दी। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आरके जैन ने हड़ताली जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन दिया। छात्रों की चार मांगों को मान लिया गया है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे को दुरुस्त कराया जाएगा। हॉस्पिटल में रोटेशन पर गार्डों की नियुक्ति होगी व बाउंसर रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। मारपीट की इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा जो निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट कुलपति को सौपेगी।
इसके अलावा सर सुंदरलाल अस्पताल ट्रामा सेंटर में सेंट्रल अलार्म सिस्टम स्थापित किया जाएगा ताकि विषम परिस्थितियों में अलार्म के माध्यम से सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके और डाक्टर की ओर से मदद की गुहार लगाई जा सके। इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्ति की घोषणा कर दी है। अब सोमवार सुबह से ओपीडी में अपनी सेवाएं सुचारू रूप से देंगे।
इसके पहले बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में हड़ताल दूसरे दिन रविवार को भी जारी रही। इस मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर रेजिडेंट ने मंगलवार तक का अल्टीमेटम दिया था, अगर इस दिन तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नही हुई तो इमरजेंसी सेवा भी ठप रखने की चेतावनी दी गई थी।
बताते चलें कि डॉक्टर पिछले 36 घंटे से हड़ताल पर बैठे थे और जूनियर डॉक्टरों के काम पर नहीं होने के कारण नर्स और वार्ड बॉय के ऊपर काम का दबाव बढ़ गया था। काम का प्रेशर पड़ने से कर्मचारियों में झल्लाहट जैसी स्थिति महज 24 घंटे में बन गई थी। जूनियर डॉक्टर इमरजेंसी सेवा बहाल कर काम पर बने थे, जबकि शेष जगह पैथोलॉजी, वार्ड, ओपीडी का बहिष्कार कर हड़ताल पर डटे थे।