बीएचयू में प्राचीन इतिहास विभाग की शोध छात्रा प्रियंका कुमारी के गला काटकर जान देने के प्रयास मामले की जांच होगी। विभागाध्यक्ष प्रो. सुमन जैन ने कहा कि विभाग स्तर पर हाईपावर कमेटी गठित की जाएगी। शोध छात्रा के साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जोश रेफेल के बयान दर्ज किए जाएंगे।
छात्रा ने डॉ जोश रेफेल के फ्लैट के बाहर ही गला काटकर जान देने की कोशिश की थी। मामला स्कॉलरशिप से जुड़ा बताया जा रहा है। छात्रा को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही थी तो उसे विभागाध्यक्ष से संपर्क करना चाहिए था।
विश्वविद्यालय परिसर में बने न्यू टीचर्स फ्लैट में शनिवार की दोपहर में प्राचीन इतिहास विभाग की शोध छात्रा प्रियंका कुमारी ने गला काटकर जान देने का प्रयास किया था। उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे महमूरगंज स्थित बहन के घर भेज दिया गया था।
बताया जा रहा है कि छात्रा विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ जोश रेफेल से मिलने गई थी। डॉ रेफेल की देखरेख में ही वह शोध कर रही है। इस बारे में पूछे जाने पर विभागाध्यक्ष प्रो. सुमन जैन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर ट्रॉमा सेंटर जाकर छात्रा को देखा था। उस समय उसकी हालत ठीक नहीं थी। प्रथम दृष्टया छात्रा को समय से स्कॉलरशिप न मिलने की जानकारी सामने आई है।
शिक्षक ने बताया- डिप्रेशन में थी छात्रा
विभागाध्यक्ष ने बताया कि डॉ. जोश रेफेल से बात की गई थी। उन्होंने छात्रा के डिप्रेशन में होने और स्कॉलरशिप न मिलने की जानकारी दी थी। अब जांच के बाद ही सही तस्वीर सामने आ पाएगी।
आईसीएचआर से मिलती थी स्कॉलरशिप
विभागाध्यक्ष ने बताया कि जहां तक छात्रा के स्काॅलरशिप न मिलने की समस्या छात्रा ने नहीं बताई थी। इस तरह का मामला विभागाध्यक्ष के संज्ञान में लाना चाहिए। छात्रा को आईसीएचआर(इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च) से जेआरएफ(जूनियर रिसर्च फेलोशिप) मिलता था।
पुलिस व बीएचयू प्रशासन को शिकायत का इंतजार
चीफ प्राक्टर प्रो. शिवप्रकाश सिंह का कहना है कि छात्रा की ओर से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। वहीं लंका थाना प्रभारी अश्विनी पांडेय ने बताया कि छात्रा की ओर से अगर प्रकरण में कोई शिकायत की जाती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।