बीएचयू ने बीते 25 साल में 45077 शोध जर्नल्स में प्रकाशित किए और पिछले महीने जनवरी में कुल 150 शोध छपे हैं। स्कोपस इंडेक्स के मुताबिक पिछले साल 12 महीने में 3115 शोध किए गए जो कि साल 2000 से यह करीब 10 गुना ज्यादा है। वहीं बीएचयू का एच इंडेक्स जनवरी तक 278 पर आ गया है।
बीएचयू के सेंट्रल लाइब्रेरी के द्वारा जारी शोध इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक कोविड के दौरान शोधों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई। इसके पहले 2020 तक हर साल 100 से 150 शोध ही बढ़ते थे लेकिन 2020 के बाद से प्रति वर्ष 300 से लेकर 500 से ज्यादा शोध बढ़े हैं। वहीं 2023 के बाद से फिर से शोधों के बढ़ने की गति 200 या इससे नीचे आ रही है। बीएचयू के 25 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा शोध 2025 में ही हुए और आगामी 2026 में यह और भी बढ़ सकता है।
दूसरे इंडेक्स वेब ऑफ साइंस के अनुसार में बीते तीन साल में शोधों की संख्या गिर रही है। आंकड़ों के अनुसार एक साल में करीब 30 फीसदी की कमी आ गई है। 2024 में कुल 1918 शोध हैं, जबकि 2025 में 1378 शोध किए गए। इस मामले में 2022 के बाद से लगातार बीएचयू के शोधों का आंकड़ा घटता ही जा रहा है। 2022 में 1983, 2023 में 1964 और 2024 में घटकर 1918 पर आ गया। जबकि 2025 में तो 540 शोध कम हो गए हैं जबकि इस मामले में बीएचयू में 25 वर्षों में कुल 32,474 शोध किए जा चुके हैं। वहीं एच इंडेक्स 251 है।