फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BHU: महीने भर में रैगिंग की हैट्रिक से दहशत, कैंपस की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

Sat, 09 Sep 2017 05:45 PM IST
amarujala.com, written by रबीश श्रीवास्तव
विज्ञापन
द्वितीय वर्ष के छात्रों ने की छात्रा की रैगिंग, एलबीएस-बिरला हॉस्टल में तनाव बरकरार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बीएचयू कैंपस में पखवारे भर के भीतर रैगिंग की यह दूसरी और महीने की तीसरी वारदात है जिसने परिसर को सुलगा कर रख दिया। विश्वविद्यालय में रैगिंग हो रही है लेकिन कम मामले ही उजागर होते हैं। जो मामले सामने भी आए तो उसे विवि प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन


अगर विश्वविद्यालय प्रशासन सजग होता तो ऐसे उपद्रवों को रोका जा सकता था। परिसर में रैगिंग की घटनाएं बढ़ने से एंटी रैगिंग सेल की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। साथी ही परिसर की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं।

शुक्रवार को जिस तरह से दोपहर में घटना होने लगी थी, उसके बाद यदि सुरक्षा से जुड़े लोग मामले को गंभीरता से लेते तो शायद शाम को इतनी बड़ी वारदात नहीं होती। आरोप है कि तृतीय वर्ष के छात्र प्रथम वर्ष के छात्र को हॉस्टल में उठाकर लाए और पिटाई कर दी लेकिन इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों ने उन्हें रोकने तक की जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन


जब छात्र गुट आमने-सामने आ गए तब पूरी मुस्तैदी दिखी। वहां भी प्राक्टोरियल बोर्ड के कुछ ही सदस्य मौके पर दिखे। अभी अगस्त के अंतिम सप्ताह में दृश्य कला संकाय में भी चलती क्लास से एक छात्र को उठाकर हॉस्टल ले जाकर पिटाई की घटना हो चुकी है। उस समय भी किसी ने रोका तक नहीं था। संकाय के छात्रों ने इसकी लिखित शिकायत की थी। 

रैगिंग की घटनाएं रोकने के लिए यूजीसी की ओर से समय-समय पर दिशा निर्देश जारी करने के बावजूद एंटी रैगिंग सेल बेमतलब साबित हो रहा है। शिकायत के लिए एक हेल्प लाइन नंबर भी यूजीसी की ओर से जारी किया गया है।

इन सबके बाद भी इस तरह की घटना कम नहीं हो रही है। बीएचयू कैंपस में पखवारे भर के भीतर रैगिंग की यह दूसरी घटना है, जिसकी लिखित शिकायत पीड़ित छात्र या छात्रा की ओर से प्राक्टोरियल बोर्ड को की गई है।

चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले सोशल साइंस की एक छात्रा के साथ रैगिंग हुई थी। मामले में जांच के बाद कुलपति के निर्देश पर ऐसा करने वाले छात्र को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया।

इसके पहले हुई रैगिंग की एक अन्य घटना की जांच चल रही है। शुक्रवार को छात्रा के साथ हुए रैगिंग के मामले को एंटी रैगिंग सेल को भेज दिया गया है। 
विज्ञापन

छात्र गुटों की टकरार के बाद दहशत में आए मरीज

bhu - फोटो : अमर उजाला

बीएचयू में दो छात्र गुटों में आपसी तनाव के बाद कई थानों की फोर्स बीएचयू में पहुंचने लगी। बीएचयू में बवाल की सूचना जंगल में आग की तरह फैलने लगी। सर सुंदर लाल अस्पताल में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। यहां आने वाले मरीज और तीमारदारों के चेहरों पर भी दहशत साफ झलक रही थी।

लोग यह जानने को उत्सुक नजर आए कि बवाल शांत हुआ या नहीं। वहीं बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराने पहुंचे छात्र के साथ बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। उसकी मरहम-पट्टी होने तक ट्रामा सेंटर का माहौल भी तनाव पूर्ण रहा।

छात्रावासों में रह रहे बाहरी छात्र निकाले जाएंगे
बीएचयू के हॉस्टलों में कई बाहरी छात्र भी रह रहे हैं। आए दिन होने वाली मारपीट की घटनाओं में इसकी शिकायत भी की जाती है लेकिन एक-दो दिन सक्रियता दिखाने के बाद विवि प्रशासन ढीला पड़ जाता है।

चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह ने बताया कि छात्रों की शिकायत के बाद दस दिन पहले ही छात्रावासों के वार्डन से कहा जा चुका है कि वह खाली कमरों का आवंटन कर दें और बाहरी छात्रों को वहां से निकालें। बताया कि पुलिस की मौजूदगी में दो दिन के भीतर हॉस्टल से बाहरी छात्र हर कीमत पर निकाले जाएंगे।   

छह नामजद और 18 पर मारपीट का मुकदमा 
हॉस्टल में घटी घटना के मामले में छह नामजद छात्रों और 18 अज्ञात के खिलाफ लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसओ लंका ने बताया कि एलबीएस हॉस्टल के छात्र समीर सिंह ने तहरीर देकर मारपीट की शिकायत की है। मामले में समीर की तहरीर पर गौरव, सुजीत, नचिकेता समेत छह नामजद और 18 अज्ञात मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई चल रही है। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें