10 माह बाद भी साइबर लाइब्रेरी शुरू न होने का आरोप
छात्रों ने कहा कि पिछले वर्ष पांच दिसंबर को साइबर लाइब्रेरी के पहले तल पर आग लगी थी। इसके बाद जांच कराई गई, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। छात्रों का कहना था कि करीब 10 माह बीतने के बाद भी साइबर लाइब्रेरी की मरम्मत पूरी नहीं हुई है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि लाइब्रेरी में बाहरी और अनधिकृत छात्रों का प्रवेश होता है। इससे नियमित विद्यार्थियों को सीट मिलने में परेशानी होती है। छात्रों ने कहा कि क्षमता के अनुरूप सीट उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई के लिए जगह तलाशना मुश्किल हो रहा है।
लाइब्रेरियन बोले- सीटों की व्यवस्था यूडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी
लाइब्रेरियन प्रो. डीके सिंह ने छात्रों की शिकायत पर कहा कि विद्यार्थियों को किताब नहीं मिल रही है तो यह लाइब्रेरियन की जिम्मेदारी है। उन्होंने सीटों की कमी के संबंध में कहा कि सीटों की व्यवस्था और निर्माण का काम यूडब्ल्यूडी देखता है। लाइब्रेरी की मौजूदा सभी सीटें भर चुकी हैं। अधिक सीटों की जरूरत को देखते हुए नई बिल्डिंग का प्रस्ताव दिया गया है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने साइबर लाइब्रेरी को जल्द शुरू कराने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद छात्र अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के समक्ष बात रखने में जुटे रहे।