एयर शो को लेकर पूर्व में हुई बैठकों में तय रूपरेखा के अनुसार फाइटर जेट नमो घाट की ओर से प्रदर्शन क्षेत्र में प्रवेश करेंगे और अस्सी घाट की दिशा में उड़ान भरेंगे। प्रदर्शन के बाद विमानों को तीन अलग-अलग दिशाओं में डायवर्ट कका जाएगा। इससे विमानों को उसी कॉरिडोर में लौटने की जरूरत नहीं पड़ेगी और हवाई क्षेत्र में विमानों के बीच टकराव की आशंका नहीं रहेगी।
प्रदर्शन क्षेत्र में विमानों के प्रवेश और निकास के लिए समय और दिशा पहले से निर्धारित होगी। अलग-अलग विमानों के बीच दूरी और ऊंचाई का भी समन्वय किया जाएगा। एयर शो की उड़ान व्यवस्था वायुसेना की टीम तय करेगी, जबकि जिला प्रशासन और पुलिस भीड़ और यातायात को नियंत्रित करेंगे।
बीएचयू काशी विश्वनाथ मंदिर का शिखर नहीं बनेगा रुकावट
प्रयागराज से उड़ान भरने और वापस प्रयागराज जाने वाले विमानों के रास्ते में बीएचयू परिसर स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का शिखर बाधा नहीं बनेगा। यह शिखर एशिया का सबसे बड़ा शिखर है। पहले के निर्धारित रूट में यह शिखर बाधक बन रहा था। इसे लेकर एयरफोर्स व अन्य एजेंसियों ने कई बार स्थलीय निरीक्षण कर नया रूट निर्धारित किया। जानकारी के अनुसार अब प्रयागराज से उड़ान भरने वाले एयरक्राफ्ट को शिखर के काफी पहले से ही डायवर्ट कर दिया जाएगा।
एयर शो के पहले और बाद तक गंगा में प्रतिबंधित होगा नाव संचालन
एयर शो का समय दोपहर 12 बजे से लेकर 2:30 बजे तक होगा। इन ढाई घंटों में ही एयर फोर्स के विमान अपनी क्षमता और करतब दिखाएंगे। शो के दौरान नावों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। शो शुरू होने के पहले ही नावों को घाटों के किनारे खड़ा कर दिया जाएगा। इसे लेकर प्रशासन नाविकों संग बैठक भी करेगा।
20 अक्तूबर से ही एसपीजी और सेना की निगरानी में होंगे घाट
अक्तूबर में 22, 23 और 25 को प्रस्तावित एयर शो के कार्यक्रम के पहले वायु सेना के एयरक्राफ्ट अभ्यास करेंगे। एयर शो में बड़ी संख्या में लोगों के साथ ही वीआईपी और वीवीआईपी मौजूद होंगे। ऐसे में उनकी सुरक्षा के दृष्टिगत कार्यक्रम में दो दिन पहले से ही एसपीजी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों का पहरा होगा। 20 अक्तूबर से ही घाट एसपीजी की निगरानी में होंगे।