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वाराणसी: धूप कल्पना विधि से शरीर में कम होगा कोरोना संक्रमण का असर 

Wed, 05 Jan 2022 09:42 AM IST
गीतार्जुन गौतम रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय।
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आयुर्वेदिक औषधियां के जरिए कोरोना मरीजों के शरीर में संक्रमण का असर कम हो इसके लिए बीएचयू के वैज्ञानिक शोध में जुट गए हैं। इस दिशा में आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र विभाग के प्रो. केआरसी रेड्डी के निर्देशन में बीएचयू में आने वाले 200 कोरोना मरीजों को धूप कल्पना विधि से उपचार करने की तैयारी है।

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प्रो. रेड्डी के अनुसार जिस तरह से देश में कोरोना के वेरियंट ओमिक्रॉन और डेल्टा का संक्रमण बढ़ रहा है, ऐसे में यह विधि बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। फिलहाल सात मरीजों पर इसका शोध शुरू हो गया है। यह विधि मरीज के शरीर में कोरोना संक्रमण की क्षमता को कम करने में कारगर है।

रसशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रेड्डी ने बताया कि उनके साथ शोध में आईएमएस बीएचयू के मेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉ. दीपक गौतम और फार्माकोलॉजी विभाग के डॉ. परशुराम भी शामिल हैं। बताया कि सरकार की ओर से चयनित फार्मेसी ने इस धूप को बनाया है। फिलहाल ड्रासोफिला जो कि एक प्रकार की मक्खी होती है।

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उस पर शोध में सफलता मिल चुकी है। जो शोध होगा, उसमें बीएचयू अस्पताल में आने वाले संक्रमित मरीजों का सबसे पहले कोविड प्रोफाइल नाम से ब्लड टेस्ट भी कराया जाएगा। एक बार जांच कराने के बाद आठ दिन के बाद फिर जांच होगी। करीब दस हजार रुपये की जांच, औषधियां मरीजों को दी जाएंगी। इस बारे में विभाग से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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सीरप और टेबलेट भी हैं प्रभावी
कोरोना मरीजों पर जो शोध होगा, उसमें जड़ी बूटियों, शहद से तैयार सीरप और टेबलेट भी अधिक प्रभावी होगा। प्रो. केआरसी रेड्डी ने बताया कि दो बार खाना खाने के पहले और उसके बाद दो चम्मच सीरप टेबलेट के साथ देना होगा। सीरप का फार्मूला उन्होंने ही डिजाइन किया है। सीरप में द्राक्षारिष्ट यानी मुनक्का शामिल हैं। इसे एक लिक्विड के रूप में बनाते हैं। 

यह है धूप कल्पना विधि
धूप कल्पना विधि एक ऐसी विधि है, जिसमें एक धूप जो कि अगरबत्ती की तरह है। कोरोना मरीज को इस धूप को जलाने के बाद उसमें निकलने वाले धुएं को भाप की तरह सूंघना होगा। खाना खाने के पहले सुबह और शाम दस-दस मिनट इसे सूंघना होगा। प्रो. रेड्डी ने बताया कि आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव वाले मरीजों को धूप भी नि:शुल्क मुहैया कराया जाएगी। धूप तुलसी, चमेली, नीम के पत्ते सहित 20 से अधिक जड़ी बूटियों को मिलाकर बनाया गया है।
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