बीएचयू में प्रो. बीआर मणि का स्वागत करते प्रो. एमपी अहिरवार
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भारत में पहली बार 5000 साल प्राचीन सोने के सिक्के यूपी में मिले हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के मांडी में मिले सोने और चांदी के सिक्कों का इतिहास पूर्व हड़प्पा काल का बताया जा रहा है। तब इन्हें निष्क कहा जाता था और इनका वस्तुओं की खरीद-बिक्री में इस्तेमाल होता था। इन गोलाकार मुद्राओं के बीच एक छेद भी है जिससे पता चलता है कि इनका इस्तेमाल आभूषणों में खूब किया गया। ये जानकारी बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग में विख्यात पुराविद प्रो. बीआर मणि ने एक शोध के आधार पर दी।
उन्होंने कहा कि अब तक भारत में सोने के सिक्कों का इतिहास दो हजार साल पहले कुषाण काल (पहली–तीसरी शताब्दी ई.) का बताया जाता रहा है। जबकि पूर्व हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल और राखीगढ़ी से सोने के सिक्कों के कई प्रमाण मिल चुके हैं।
बृहस्पतिवार को विभाग के शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में प्रो. मणि ने कहा कि साहित्यिक साक्ष्यों के आधार पर इसका खुलासा हुआ है और रिसर्च पेपर भी प्रकाशित किया जा चुका है। प्रो. मणि भारतीय विरासत संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व कुलपति भी रहे। उनके शोध के अनुसार निष्क का उल्लेख ऋग्वेद और उत्तर वैदिक ग्रंथों में मिलता है। यह भारत की पहली स्वर्ण मुद्रा थी।