बीएचयू में विदेशी छात्रों का यूजी में कुल 43 कोर्स और पीजी में 217 कोर्स और पीएचडी में 182 कार्यक्रमों में दाखिला होता है। वहीं स्पेशल और डिप्लोमा के 58 कोर्स में प्रवेश लिया जाता है। विदेशी अभ्यर्थियों के लिए कोई नियत सीट नहीं तय है लेकिन हर कोर्स में कोटा तय है। पांच फीसदी सीट भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ और ओसीआई) के बच्चों से और पांच फीसदी खाड़ी और दक्षिण एशियाई देशों में कार्यरत भारतीय कामगारों के बच्चों से भरी जाएंगी। इसमें आवेदन न मिलने और सीट खाली रहने पर सीटों को पूल करके बाकी के लोगों में आवंटित किया जा सकता है।
विदेशी छात्रों को प्रवेश में मिलने वाली अन्य सहूलियतें...
- दाखिले के लिए सीयूईटी परीक्षा नहीं देनी होती लेकिन शैक्षिक योग्यताएं भारतीय छात्रों के समान ही हैं।
- मेडिकल और आईआईटी पाठ्यक्रमों को छोड़कर किसी अन्य में न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा नहीं है।
- 227 विदेशी छात्र तीन वर्षीय स्नातक और चार वर्षीय यूजी कोर्स में 126 विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
- दो वर्ष के पीजी कार्यक्रम में 135 और पांच वर्षीय में 17 विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।