बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल सप्ताह भर बाद भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस वजह से ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन लग रही है। वहीं, हर दिन ऑपरेशन भी टल रहे हैं। अगर जल्द ही हड़ताल खत्म नहीं हुई तो मरीजों की मुसीबत बढ़ सकती है। नीट पीजी काउंसिलिंग में देरी के विरोध में 27 नवंबर से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। शनिवार सुबह सीटी स्कैन विभाग के बाहर डॉक्टरों ने मांगें पूरी नहीं होने पर नारेबाजी की। उधर, ओपीडी में केवल वरिष्ठ डॉक्टरों ने ही किसी तरह मरीजों को देखा। इस बीच जूनियर डॉक्टरों के एसोसिएशन फे डरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में छह दिसंबर तक मांगें पूरी न होने पर इमरजेंसी सेवा नहीं करने का जिक्र किया। साथ ही मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की भी मांग की है।
डॉक्टरों के खिलाफ एनएसयूआई ने खोला मोर्चा, फूंका पुतला
वाराणसी। बीएचयू में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का अब विरोध शुरू हो गया है। एनएसयूआई बीएचयू इकाई ने प्रभारी कुलपति से शिकायत के बाद शाम को मुख्य द्वार पर जूनियर डॉक्टरों का पुतला फूंका। ज्ञापन में बताया कि डॉक्टरों की हड़ताल से आम जन का काफी नुकसान हुआ है। महामारी के समय इस तरह का रवैया घातक है। हड़ताली डाक्टरों पर एस्मा और महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 12 घंटे में धरना खत्म नहीं कराया तो वह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे। इस दौरान राणा रोहित, नीरज, कपीश्वर, जंग बहादुर, अभिनव मौजूद रहे। ब्यूरो