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BHU में फिर बवाल का खुला राज, उपद्रवियों ने रची थी बहुत बड़ी साजिश

Thu, 21 Dec 2017 01:54 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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bhu - फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू कैंपस तीन महीने बाद बुधवार को एकबार फिर सुलग उठा। इसके पीछे एक बहुत बड़ी साजिश रची गई थी।  इस बवाल के जरिये सितंबर महीने की तरह ही लंबे समय के लिए बीएचयू परिसर का माहौल एक बार अशांत करने की तैयारी थी।
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सर्विलांस की मदद से पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई है। उच्चाधिकारियों के अनुसार, एससी-एसटी वर्ग के छात्र की पिटाई कर आरोप प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों पर मढ़ने की थी।

इसी बहाने परिसर में छात्र हित की आड़ में फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी थी। यह योजना आशुतोष के ही निर्देशन में बनाई गई थी लेकिन राज खुलने के चलते उपद्रवी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए। 
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एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि लंका थानाध्यक्ष को सिंह द्वार से नरिया गेट तक और विश्वनाथ मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। फुटेज के आधार पर उपद्रवी छात्रों को चिह्नित किया जाएगा। रात एक बजे तक नौ छात्रों को चिह्नित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दो टीमें बनाई गई हैं। एहतियातन परिसर के मुख्य द्वार और नरिया गेट पर फोर्स तैनात है। 

इन 15 छात्रों पर दर्ज कराया गया मुकदमा
बीएचयू में  हुए बवाल को लेकर चीफ प्राक्टर प्रो.रोयाना सिंह ने एमसीए के गौरव सिंह, एमए के आशुतोष त्रिपाठी, शिवम द्विवेदी, प्रवीण राय योगी, बीए के शुभम तेवतिया, बिट्टू सिंह, गौरव कुमार, अभिजीत मिश्रा, रुद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी नारायण शर्मा, सत्यम राय, धीरज सिंह और हिमांशु प्रभाकर, पूर्व छात्र सौरभ राय, प्रतीक तिवारी के खिलाफ लंका थाने में नामजद तहरीर दी है।

इस बारे में लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, बलवा, आगजनी सहित अन्य आरोपों से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं।

... और बाहर का माहौल रहा सामान्य
हाल के दिनों में बीएचयू परिसर का माहौल जब भी अराजक हुआ सिंह द्वार के आसपास की दुकानों पर सन्नाटा पसर जाया करता था। मगर, बुधवार को ऐसा नहीं हुआ। बीएचयू गेट को फोर्स ने चारों तरफ से घेर लिया था और बाहर चाय-पान की दुकानों पर लोग आम दिनों की तरह खड़े थे। दवा और अन्य दुकानें भी सामान्य तरीके से खुली रहीं।

 

खुफिया तंत्र बीएचयू के मामले में फिर फेल

bhu - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू में जब भी उपद्रव होता है तो जिले की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के साथ ही बीएचयू की खुफिया इकाई का सूचना तंत्र ध्वस्त सा हो जाता है। पुलिस अधिकारियों को खुफिया इकाइयां कभी भी ठोस इनपुट उपलब्ध नहीं करा पाती और माहौल अनियंत्रित हो जाता है।

बुधवार को आशुतोष की गिरफ्तारी के मद्देनजर पुलिस को बवाल की आशंका थी। इसे देखते हुए लंका थानाध्यक्ष के साथ सीओ भेलूपुर ने मंडुवाडीह और भेलूपुर थानाध्यक्ष को भी लंका क्षेत्र में ही मुस्तैद कर रखा था। इसके बावजूद बीएचयू परिसर में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की घटना हुई।

बीएचयू में इस साल तक की बड़ी घटनाएं
02 फरवरी: विश्वनाथ मंदिर के पास बीएससी कृषि छात्र की पिटाई के बाद तोड़फोड़,चक्का जाम
18 फरवरी: लंका सिंह द्वार पर छात्रों-दुकानदारों के बीच मारपीट के बाद बवाल
07-08 अप्रैल: भारतेंदु और राजाराम हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट। हवाई फायरिंग, हॉस्टल में तोड़फोड़
08 सितंबर: कला संकाय में छात्रा के साथ रैगिंग के बाद दो हॉस्टल छात्रों के बीच बवाल, पत्थरबाजी, आगजनी। 
23 सितंबर: छात्रा से छेड़खानी, लाठीचार्ज के बाद पत्थरबाजी, आगजनी। 
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तब पखवारे भर तक अशांत रहा था परिसर

बीएचयू परिसर - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू परिसर में तीन महीने पहले भी इसी तरह का बवाल हुआ था। 21 सितंबर को छात्रा के साथ छेड़खानी के बाद 22 सितंबर की सुबह छात्राओं ने विरोध में सिंह द्वार पर धरना दिया। करीब 40 घंटे तक चले धरने के दौरान वह कुलपति को बातचीत के लिए बुलाती रही लेकिन वह छात्राओं के बीच नहीं पहुंचे।

23 सितंबर की रात 10 बजे कुछ छात्र और छात्रा वीसी लॉज धरना देने पहुंच गई, यहां आरोप है कि विश्वविद्यालय सुरक्षा गार्डों ने लाठी भांजकर खदेड़ा। इसके बाद उनका गुस्सा भड़क गया, जहां महिला महाविद्यालय गेट पर छात्राएं विरोध करने लगी वहीं इसकी जानकारी होते ही छात्रावासों में रहने वाले छात्र बाहर आकर प्रदर्शन करने लगे।

इस बीच छात्राओं पर महिला महाविद्यालय गेट पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्राएं गंभीर रुप से घायल हुई थी जबकि छात्रावास के बाहर गुस्सा इतना तेज हो गया कि छात्रों ने कई गाड़ियों में आग भी लगा दी। घटना के बाद करीब पंद्रह दिन तक पुलिस-पीएसी के हवाले रहा। 
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