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BHU: मोटापा, हृदय, मेटाबॉलिज्म से जुड़ीं बीमारियां एक ही मरीज में मिल रहीं; भ्रांतियां दूर करने को करें चर्चा

Mon, 01 Dec 2025 12:37 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में विभिन्न बीमारियों और इसके इलाज पर विशेष चर्चा हुई। चिकित्सकों ने लोगों से ये भी अपील की कि भ्रांतियां दूर करने के लिए मरीजों और तीमारदारों से बातचीत करते रहे।
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कार्यक्रम को संबोधित करते अतिथि। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में रविवार को ग्लोब 360 : इंटीग्रेटिंग कार्डियो-रेनल-मेटाबॉलिक एंड ओबेसिटी केयर विषयक एक दिन की राष्ट्रीय संगोष्ठी में आम मरीजों की समस्याओं पर विमर्श हुआ। मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में डॉक्टरों ने बताया कि आजकल एक ही मरीज में मोटापा, किडनी, हृदय, मेटाबॉलिज्म जैसी बीमारियां मिल रहीं हैं।

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कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि आम लोगों के बीच स्वास्थ्य विषयों पर चर्चा करें, जिससे लोगों की भ्रांतियां दूर हों। ऐसी मासिक व्याख्यानमाला स्वतंत्रता भवन में आयोजित होनी चाहिए। 

राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, बंगलूरू के एंडोक्रिनोलोजिस्ट प्रो. ऋद्धि दासगुप्ता ने कहा कि मनुष्य कई बीमारियों के हाथों मारा जा रहा है। वह मधुमेह, मोटापा, क्रॉनिक किडनी रोग और हृदयरोग से एक साथ पीड़ित है। इसका इलाज इंटीग्रेटेड एप्रोच से ही संभव है। निदेशक प्रो. सत्य नारायण शंखवार ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हमें अंतर्विषयक अध्ययन और उपचार में सहायता मिलेगी।

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इलाज के लिए अपनाएंगे रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण : कार्यक्रम निदेशक मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर कंसल्टेंट डॉ. अभिषेक पांडेय ने कहा कि हमारे रोगी किसी एक बीमारी के साथ नहीं आते। वे मधुमेह, हृदय रोग, किडनी की बीमारी और मोटापे जैसी समस्याओं से एक साथ जूझते हैं। ग्लोब 360 में 360 हमारे इस संकल्प का प्रतीक है कि हम रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और बेहतर इलाज जैसी बातों के साथ एक व्यापक और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएंगे। संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नेहा पांडेय ने किया। संगोष्ठी में संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, प्रो. सुभाष यादव, प्रो. विकास अग्रवाल, प्रो. धर्मेंद्र जैन आदि मौजूद रहे।

172 स्वास्थ्य इकाइयां एन्क्वास प्रमाणित
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत सर्वाधिक स्वास्थ्य इकाइयों को प्रमाणित कराने वाला देश का पहला जिला बनारस बन गया है। जिले की 172 स्वास्थ्य इकाइयां एन्क्वास प्रमाणित हो चुकी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि प्रमाणन प्राप्त इकाइयों में 159 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 9 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 1 सीएचसी, 1 पीएचसी व 2 जिला स्तरीय चिकित्सालय हैं।

सीएमओ के अनुसार 19 और इकाइयों के परिणाम शेष हैं, जबकि 4 सीएचसी का राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन 15 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच भारत सरकार की नामित टीमें करेंगी। 4 सीएचसी, 3 पीएचसी एवं 6 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का डाटा सक्षम पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इनका मूल्यांकन शीघ्र कराया जाएगा। सीएमओ ने बताया केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू एन्क्वास एक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार है।
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