अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में फंसे बीएचयू के प्रोफेसरों पर जल्द ही विश्वविद्यालय प्रशासन बड़ी कार्रवाई करेगा। जांच के आधार पर दंड निर्धारण के लिए कमेटी बनाई जाएगी। सोमवार को नई दिल्ली में कार्यकारिणी परिषद की बैठक में सदस्यों ने कार्रवाई का फैसला लिया था।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भ्रष्टाचार व अनियमितता के मामले में एक प्रोफेसर पर जांच चल रही है। इसी तरह हिंदी विभाग के एक प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज है। इन्हीं में एक मामला कृषि विज्ञान संस्थान का भी है। इन तमाम मुद्दों पर कार्यकारिणी परिषद की बैठक में चर्चा हुई। तय किया गया कि जिनके खिलाफ जांच चल रही है, रिपोर्ट के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने बताया कि गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।