बीएचयू स्थित कला संकाय के करीब 2000 स्नातक छात्र-छात्राओं के लिए इंटर्नशिप अनिवार्य किया जाएगा। हर छात्र को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप करनी होगी। इसके लिए उन्हें अधिकतम 10 क्रेडिट दिए जाएंगे। संकाय के 22 विभागों में एक-एक इंटर्नशिप सेल का गठन होगा।
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विभागाध्यक्ष ही सेल के समन्वयक भी होंगे। 22 इंटर्नशिप सेल के 22 मेंटोर (परामर्शदाता) भी चुने जाएंगे। ये मेंटोर ही इंटर्नशिप के लिए छात्रों को तैयार करेंगे। बीएचयू में यूजी की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं में नौकरी से पहले ही उनको अनुभव दिलाना है। यानी कि काम करने की क्षमता और रिसर्च एप्टीट्यूड को विकसित करने की कला सिखाई जाएगी।
इसका एक प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल में लाया गया था। इस पर मंथन भी किया गया। इसी के तहत कला संकाय में ये इंटर्नशिप शुरू की जा रही है। इस इंटर्नशिप में आने वाला खर्च छात्र खुद ही उठाएंगे। प्रोफेसर सिर्फ सुविधा दिलाने के तौर पर काम करेंगे।
अपने मेजर विषय से तय करेंगे इंटर्नशिप
विभागों की ओर से छात्रों के इंटर्नशिप का स्पेशलाइजेशन तय किया जाएगा। छात्र अपने मेजर विषय में से ही किसी एक क्षेत्र से जुड़े संस्थान में ट्रेनिंग ले सकेंगे। बीएचयू में चल रहे किसी रिसर्च प्रोजेक्ट, ग्राम पंचायत या फिर बीएचयू के किसी दूसरे विभाग में भी इंटर्नशिप की जा सकती है। इसमें 0 से लेकर 10 अंक के बीच क्रेडिट दिए जाएंगे।