इसके अलावा, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में राजमार्ग निर्माण से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त शोध परियोजनाएं भी चलाई जाएंगी। इस साझेदारी के अंतर्गत आईआईटी बीएचयू सड़क निर्माण सामग्री के परीक्षण, संरचनात्मक सुरक्षा के आकलन, तकनीकी परामर्श और एनएचआईडीसीएल की परियोजनाओं से जुड़ी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
विद्यार्थियों और अभियंताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और इंटर्नशिप के अवसर भी विकसित किए जाएंगे। समझौता हस्ताक्षर समारोह में एनएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. किशन कुमार (आईएएस), निदेशक (तकनीकी) अमरेंद्र कुमार, आईआईटी (बीएचयू) के शोध और विकास अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के चेयर प्रोफेसर प्रो. अंकित गुप्ता उपस्थित रहे।
डॉ. किशन कुमार ने शैक्षणिक अनुसंधान और वास्तविक निर्माण कार्यों के बीच बेहतर समन्वय की बात कही। प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि इस सहयोग से संस्थान में विकसित शोध को सड़क परिवहन क्षेत्र की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने में मदद मिलेगी।