बीएचयू अस्पताल में छात्र के साथ मारपीट के बाद जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से ठप ओपीडी शनिवार दोपहर से बहाल तो हो गई थी लेकिन दूर दराज के कई मरीज आ नहीं पाए थे।
रविवार को अवकाश के बाद जब सोमवार को ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालत यह रही कि सर्जरी विभाग, मार्डन मेडिसिन, बाल रोग विभाग में डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों और उनके परिजनों को मारामारी करनी पड़ी।
सोमवार को 4117 मरीजों ने पंजीकरण कराया जबकि 4230 मरीजों ने डॉक्टर को दिखाया। अस्पताल में आए दिन मरीजों और डॉक्टरों के बीच मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं।
मंगलवार को शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र आकाश मिश्रा की सर्जरी विभाग में डॉक्टरों ने पिटाई कर दी थी। उसके बाद से आकाश ने मुकदमा दर्ज कराया तो डॉक्टर बुधवार सुबह से हड़ताल पर चले गए थे। इस वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉक्टर शनिवार 11.30 बजे काम पर लौटे तो जरूर लेकिन उस दिन ओपीडी में सन्नाटे जैसा माहौल रहा। सोमवार को पहले पंजीकरण काउंटर पर पर्चा कटाने के लिए बाद में ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को मारामारी करनी पड़ी।
अस्पताल में ओपीडी में दिखाने आए मरीजों और उनके परिजनों की ओपीडी में तैनात कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। सर्जरी विभाग, मार्डन मेडिसिन, हृदय रोग समेत कई विभागों में कोई जमा पर्चा को उपर-नीचे करने का तो कोई दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाता रहा। अन्य दिनों की तरह सोमवार को ओपीडी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी अधिक दिखी।