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महंगाई की मार: बीएचयू अस्पताल में ओपीडी की फीस बढ़ी, कई साल से मात्र 20 रुपए की कट रही थी पर्ची

Mon, 15 Nov 2021 03:23 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में ओपीडी की पर्ची का शुल्क अब 20 रुपए से बढ़ाकर 30 रुपए कर दिया गया है। इसे लेकर मरीजों ने नाराजगी जाहिर की है।
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बीएचयू अस्पताल में 20 रुपए में हो रहा था इलाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल की ओपीडी की फीस सोमवार से बढ़ गई।  ओपीडी के लिए 20 रुपये की जगह 30 रुपये की पर्ची कटानी पड़ेगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से ओपीडी पंजीकरण फीस का रेट बढ़ा दिया गया है। सोमवार से ही नए शुल्क को लागू कर दिया गया है। पहले से कोई इसकी सूचना अस्पताल में चस्पा न होने की वजह से जब पर्चा काउंटर पर 30  रुपये की मांग की गई तो मरीज और उनके परिजन भी चौंके। बाद में पता चला कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए ही पंजीकरण की फीस बढ़ाई गई। 

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बीएचयू अस्पताल के साथ ही ट्रॉमा सेंटर में हर दिन वाराणसी समेत आसपास के जिलों के साथ ही बिहार, झारखंड आदि जगहों से तीन से चार हजार मरीज इमरजेंसी और ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए आते हैं। अब तक यहां बीस रुपये ही पंजीकरण की फीस लगती थी। अब इसकी फीस बढ़ाकर 30 रुपये कर दिया गया है।

मरीजों ने जताई आपत्ति
बीएचयू अस्पताल में हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी की पिछले दिनों हुई बैठक में ही इसका फैसला लिया गया था लेकिन इसका पंजीकरण फीस बढ़ने की कोई सूचना पंजीकरण काउंटर पर नहीं चस्पा होने से सोमवार को 30 रुपये देने पर कुछ मरीजों ने आपत्ति जताई। अब दस रुपये फीस बढ़ने से हर दिन करीब 30 से 40 हजार रुपये की बढ़ोत्तरी होगी। 
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बोले मरीज-सुविधाओं पर ध्यान दें अस्पताल प्रशासन

सोमवार से वाराणसी समेत आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों ने रुपए की जगह 30 का पर्चा कटाया।  ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने देवरिया से आई उर्मिला देवी और भदोही से रामविलास पांडेय ने पंजीकरण फीस बढ़ने पर कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए,उसके बाद ही पंजीकरण की फीस बढ़ाने पर फैसला लेना चाहिए था।

अब भी अस्पताल में न तो स्ट्रेचर समय पर मिल पाता है और न ही खराब लिफ्ट बन सका है। इसके अलावा आईसीयू में बेड की कमी भी बनी रहती है। ऐसे में इस तरह पंजीकरण की फीस बढ़ाना उचित नहीं लगता है। 
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पंजीकरण फीस वृद्धि के विरोध में उतरे छात्र 

ओपीडी पंजीकरण फीस में 50 प्रतिशत बढ़ाने का छात्रों ने विरोध किया है। बिरला बी छात्रावास में हुई एक बैठक में छात्रों ने इसे मरीजों के हित में वापस लेने की मांग की है। साथ ही ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि इसका असर सीधे गरीबों की जेब पर असर पड़ेगा।

अध्यक्षता करते हुए छात्र मृत्युंजय तिवारी आजाद ने कहा कि  महामना मदन मोहन मालवीय जी ने विश्वविद्यालय की स्थापना सर्व समाज के कल्याण के लिए किया था जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फीस बढ़ाया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। बैठक में वैभव तिवारी, अभिषेक कुमार सिंह ,अवनींद्र राय, दिलीप कुमार मौर्य, आलोक कुमार सिंह, कुमार क्षितिज ,राघवेंद्र राय आदि मौजूद रहे। 
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