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BHU Hospital: शिक्षक और विद्यार्थी बनकर इलाज करा रहे बिचौलिए, हेल्थ डायरी की क्लोन कॉपी बनाकर चल रहा बड़ा खेल

Tue, 21 Nov 2023 09:45 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

अस्पताल में हेल्थ डायरी का फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद अब रेडियोलॉजी विभाग सहित अन्य विभागों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन के काउंटर पर बैठने वाले कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है।
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BHU Hospital: शिक्षक और विद्यार्थी बनकर इलाज करा रहे बिचौलिए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू अस्पताल में हेल्थ डायरी से इलाज कराने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मूल हेल्थ डायरी की क्लोन कॉपी बनवाकर उस पर जांच और इलाज भी कराया जा रहा है। इस तरह की डायरी से बीएचयू के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी इलाज कराते हैं। अब तक 12 से ज्यादा क्लोन कॉपी प्रॉक्टोरियल बोर्ड पकड़ चुका है। अब सभी विभागों को अलर्ट किया गया है। कहा गया है कि हर हेल्थ डायरी की जांच की जाए, फिर इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

बीएचयू में अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों के साथ ही यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को चिकित्सा सुविधा का पूरा लाभ मिल सके, इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से हेल्थ डायरी जारी की जाती है। तबीयत खराब होने पर छात्र पहले हेल्थ सेंटर पर डायरी लेकर जाते हैं। यहां प्राथमिक उपचार और कुछ जरूरी जांच के बाद चिकित्सक आगे के इलाज के लिए छात्रों को अस्पताल भेज देते हैं। किसी तरह की इमरजेंसी या हेल्थ सेंटर बंद होने की दशा में सीधे अस्पताल की इमरजेंसी या ओपीडी में दिखाने की व्यवस्था है। इसका फायदा बिचौलिया उठाते हैं।\

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फर्जीवाड़े में गिरोह सक्रिय

हेल्थ डायरी के नाम पर फर्जीवाड़े में गिरोह काम कर रहा है। आईएमएस बीएचयू की प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने अस्पताल से एक्सपायरी डेट की हेल्थ डायरी पर इलाज कराने की गड़बड़ी पकड़ी है। अब तक 100 से अधिक हेल्थ डायरी पकड़ी जा चुकी है। डायरी में जो तिथि अंकित थी, उसके एक से डेढ़ साल बाद तक विद्यार्थी अपना इलाज करा चुके थे। इसका भी गिरोह के सदस्यों ने काट निकाला और हेल्थ डायरी की क्लोन कॉपी बनाकर अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी में पहुंचने लगे। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम की जांच में प्रथम दृष्टया क्लोन कॉपी बीएचयू के बाहर से प्रिंटिंग होकर आने के साक्ष्य मिले हैं।

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सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू - फोटो : फाइल

असली-नकली डायरी में बड़ा अंतर

असली और नकली हेल्थ डायरी में कई अंतर सामने आ रहे हैं। फर्जी डायरी में छात्र का ब्लड ग्रुप नहीं लिखा है। साथ ही सीएमओ इंचार्ज का नाम और हस्ताक्षर भी किनारे फोल्डिंग वाली जगह पर है। फर्जी डायरी का पेज फोटोकॉपी के पेपर जैसा लग रहा है, जबकि असली डायरी में कॉपी, किताब वाला पेज लगा है। फर्जी डायरी में पेन से ऊपर ही एमआरडी नंबर लिखा गया जबकि असली वालें में यह जानकारी अंदर होती है।
 
रेडियोलॉजी काउंटर पर हेल्थ डायरी को लेकर सूचना चस्पा

अस्पताल में हेल्थ डायरी का फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद अब रेडियोलॉजी विभाग सहित अन्य विभागों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, सीटी स्कैन के काउंटर पर बैठने वाले कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। कहा गया है कि हेल्थ डायरी की गहनता से जांच, अपडेट कॉपी लगाने के बाद ही जांच संबंधी कार्रवाई आगे बढ़ाने की जरूरत है।

अस्पताल में पिछले दो-तीन महीनों से करीब 100 से अधिक एक्सपायरी हेल्थ डायरी पकड़ी जा चुकी है। अब हेल्थ डायरी की क्लोन कॉपी का कुछ लोग प्रयोग कर रहे हैं। इस तरह की कई डायरी भी पकड़ी गई है। ओपीडी, इमरजेंसी में छापे की कार्रवाई चलती रहेगी।- प्रो. शिवप्रकाश सिंह, चीफ प्रॉक्टर, बीएचयू
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