फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएचयू अस्पतालः नहीं माने जूनियर डॉक्टर, हड़ताल जारी, भटकते रहे मरीज

Fri, 06 Apr 2018 10:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
सर सुंदरलाल अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से गुरुवार को दूसरे दिन चिकित्सा सेवा और लड़खड़ा गई। कुलपति की वार्ता और आश्वासन के बाद भी जूनियर डॉक्टर नहीं माने। उनकी मनमानी ने मरीजों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है।
विज्ञापन


गुरुवार को भी सैकड़ों मरीज घंटों इंतजार के बिना जांच-इलाज के लौट गए। वार्डों में भर्ती मरीजों को भी खासी परेशानियां झेलनी पड़ीं। कई ऑपरेशन टाल दिए गए। सीनियर डॉक्टरों के जरिए कुछ ओपीडी चली लेकिन चिकित्सा सेवा को सुचारु रखने के अस्पताल प्रशासन के दावे धराशाई नजर आए। हड़ताल का असर ट्रॉमा सेंटर में भी दिखा।

हालांकि कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की दिन भर में अस्पताल के अधिकारियों और जूनियर डॉक्टरों से दो-तीन चरणों में बातचीत हुई। विश्वविद्यालय सूत्रों की मानें तो मांगों पर यथोचित पहल के कुलपति के आश्वासन के बावजूद बात नहीं बनी।
विज्ञापन


जूनियर डॉक्टर मांगें पूरी होने तक हड़ताल खत्म करने को राजी नहीं हुए। लगातार दूसरे दिन हड़ताल जारी रहने से सर सुंदर लाल अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर तक की ओपीडी और वार्डों में चिकित्सा सेवा प्रभावित हुई।

पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश आदि जगहों से आए मरीज और तीमारदार अस्पताल परिसर में दर-दर भटकते नजर आए। जबकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सीनियर डॉक्टरों के जरिए ओपीडी संचालित की जा रही है। मरीजों के जांच-इलाज के साथ ही उनकी भर्ती भी ली जा रही है।

हड़ताल को हवा दे रहे हैं कुछ लोग

- फोटो : अमर उजाला
ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर गए हैं। इसके पहले भी हड़ताल हुई है लेकिन कुलपति से बातचीत और आश्वासन के बाद मामला सुलझ जाता था लेकिन इस बार स्थितियां अलग नजर आ रही हैं।

विश्वविद्यालय सूत्रों का दावा है कि जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन को विश्वविद्यालय के ही कुछ लोग हवा दे रहे हैं। अभी कुलपति को प्रभार संभाले हफ्ते भर भी नहीं हुए हैं। वो यहां की परिस्थितियों से अभी पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं।

सूत्रों का दावा है कि आंदोलन को हवा देने वाले शुरुआत से ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर दबाव की ऐसी स्थिति बना देना चाहते हैं कि वह भविष्य के लिए भी सबक बन जाए।

अलर्ट पर सरकारी अस्पताल
बीएचयू में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। बीएचयू से वापस होने के बाद मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल, रामनगर अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर जाने वाले मरीजों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए सीएमओ ने अलर्ट जारी किया है। इन अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या 20 से 30 प्रतिशत बढ़ी है।
विज्ञापन

कुलपति से मिलकर छात्रों ने लगाई गुहार

- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के विभिन्न संकायों के छात्रों ने गुरुवार को कुलपति से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। केंद्रीय कार्यालय में बातचीत के दौरान छात्रों ने जूनियर डॉक्टरों पर छात्र आकाश मिश्रा की बेरहमी से पिटाई का मसला उठाया। दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई का आग्रह किया। कुलपति के आश्वासन के बाद वे लौट गए।

जांच समिति दर्ज करेगी बयान
मामले की जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय कमेटी ने छानबीन शुरू कर दी है। प्रो. मधुकर राय की अध्यक्षता वाली कमेटी ने शुक्रवार को दोपहर एक बजे पीड़ित छात्र आकाश और उसके दो साथियों को बुलाया है। इस दौरान उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।

यह था मामला
मंगलवार को अस्पताल के सर्जरी विभाग में इलाज कराने गए शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र आकाश मिश्रा की जूनियर डॉक्टरों ने पिटाई कर दी थी। उसका सिर फट गया। आकाश की तहरीर पर लंका थाने में आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इससे नाराज जूनियर डॉक्टर बुधवार से हड़ताल पर हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें