बीएचयू अस्पताल के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में मशीन फाइब्रोस्केन लगाई गई है। इस मशीन के माध्यम से फैटी लीवर की स्थिति और उससे संबंधित बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। पूर्वांचल के किसी भी अस्पताल में ऐसी मशीन नहीं है।
बीएचयू अस्पताल के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब फैटी लीवर से होने वाली बीमारी के बारे में समय से जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए यहां नई मशीन फाइब्रोस्केन लगाई गई है। बुधवार को आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसके सिंह ने नई मशीन का उद्घाटन किया।
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आईएमएस बीएचयू पूर्वांचल का पहला ऐसा चिकित्सा विज्ञान संस्थान हैं, जहां गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में इस तरह की मशीन लगाई गई है। इस मशीन के माध्यम से फैटी लीवर की स्थिति और उससे संबंधित बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। विभागाध्यक्ष प्रो. वीके दीक्षित ने बताया कि विभाग में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक अन्य मशीन भी स्थापित की गयी है, जिसका नाम सीएआरएम है।
इसका उद्घाटन भी संस्थान के निदेशक प्रो. एसके सिंह ने किया। इस मशीन का उपयोग ईआरसीपी के साथ ही अन्य इंडोस्कोपिक तथा फ्लूटोस्कोपी में हो सकेगा। इसके अलावा इंडोस्कोपी करने के लिए दो अन्य टेबल भी लगाए गए हैं, जिसके चलते काफी तीव्र गति से काम हो सकेगा।